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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Tahir had retrieved his licensed pistol from the police station a day before the riots.

Delhi NCR News: दंगों से एक दिन पहले ताहिर ने छुड़ाई थी थाने में जमा लाइसेंसी पिस्टल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:16 PM IST
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आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड
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-विधानसभा चुनावों को देखते हुए 7 जनवरी 2020 को खजूरी थाने में जमा हो गई थी पूर्व पार्षद की लाइसेंसी पिस्टल व 100 कारतूस
-दंगों से एक दिन पहले पिस्टल छुड़ाने की मंशा पर उठे सवाल, 36 कारतूस खर्च किए, 22 के खोखे में मिले, 14 का नहीं दे पाया हिसाब
शुजात आलम
नई दिल्ली। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में फरवरी 2020 में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व निगम पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले की जांच में पुलिस ने ताहिर हुसैन को मुख्य षड्यंत्रकारी बताया और उसके लाइसेंसी हथियार से जुड़े तथ्यों को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अदालत के सामने रखा।

जांच के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले 7 जनवरी 2020 को ताहिर हुसैन ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल और 100 कारतूस खजूरी खास थाने में जमा कराए थे। इसके बाद 22 फरवरी, यानी दंगों से एक दिन पहले, उसने वही पिस्टल और सभी कारतूस वापस ले लिए। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह यह स्पष्ट नहीं कर सका कि दंगों से ठीक पहले हथियार वापस लेने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
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दंगों के बाद गिरफ्तारी के समय पुलिस ने ताहिर हुसैन से उसकी लाइसेंसी पिस्टल बरामद की। उसके पास केवल 64 कारतूस मिले। जांच एजेंसी के अनुसार, ताहिर शेष कारतूसों का संतोषजनक हिसाब नहीं दे सका। उसकी निशानदेही पर 22 खोखे भी बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि इनके अलावा 14 अन्य कारतूसों का इस्तेमाल किया जा चुका था, जबकि इनके उपयोग के संबंध में ताहिर कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं दे पाया।
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चार्जशीट में पुलिस ने कहा है कि पिस्टल और कारतूसों से जुड़े तथ्य जांच की महत्वपूर्ण कड़ी बने। बरामद हथियार और कारतूसों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम से यह संदेह मजबूत हुआ कि लाइसेंसी पिस्टल दंगों के दौरान इस्तेमाल करने के उद्देश्य से ही थाने से वापस ली गई थी।


जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 25 फरवरी 2020 को ताहिर हुसैन की इमारत की छत से भीड़ पर फायरिंग की गई थी। पुलिस ने आरोप लगाया कि तनवीर और गुलफाम नामक दो लोगों ने छत से गोलियां चलाईं, जिससे कई लोग घायल हुए। इस मामले में दयालपुर थाने में अलग से एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इन घटनाओं को भी अंकित शर्मा हत्याकांड की व्यापक जांच का हिस्सा बनाया।
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