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खुलासाः ताहिर और लियाकत चाहते तो चांद बाग में नहीं होती हिंसा
Mon, 09 Mar 2020 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 09 Mar 2020 05:41 AM IST
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delhi violence
- फोटो : जी पॉल
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उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा और आईबी कर्मी की हत्या व दंगे फैलाने के आरोप में गिरफ्तार आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन और लियाकत चाहते तो चांद बाग दंगे की आग में झुलसने से बच जाता।
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चांद बाग में पथराव लियाकत ने ही शुरू किया था। उसके बेटे रियासत और एक अन्य युवक गुलफाम ने पार्षद के घर की छत से करीब एक घंटे तक दूसरे समुदाय के लोगों पर फायरिंग की थी। गुलफाम और अन्य आरोपी फरार हैं।
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अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दंगे शुरू होने पर चांद बाग में दोनों पक्षों की बात हुई थी। 23 फरवरी को दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे तक हुई बातचीत में ताहिर हुसैन और लियाकत अली शामिल थे। दोनों का इलाके में प्रभाव है।
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ताहिर हुसैन निगम पार्षद है तो लियाकत का टेंट का कारोबार है। बातचीत के बाद लियाकत अपने घर की तरफ गया और पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद चांद बाग में दोनों पक्षों में पथराव हुआ। अगले दिन दंगाइयों की संख्या 500 से ज्यादा हो गई थी। एक पक्ष के काफी लोग निगम पार्षद की छत पर चढ़ गए थे। इस दौरान ताहिर या लियाकत ने इन्हें नहीं रोका।
पुलिस की जांच में पता चला है कि चांद बाग में फायरिंग लियाकत अली (63) के बेटे रियासत अली (38) और गुलफाम ने की थी। पहले इन लोगों ने नीचे से फायरिंग की। इसके बाद ये ताहिर हुसैन के घर की छत पर गए और वहां एक घंटे से ज्यादा समय तक फायरिंग की थी।
पुलिस ने लियाकत, रियायत व ताहिर हुसैन से पूछताछ के बाद 12 से ज्यादा उपद्रवियों की पहचान की है। इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं। उधर, पुलिस यह जांच भी कर रही है कि ताहिर हुसैन ने अपने मोबाइल से क्या-क्या डिलीट किया है। पुलिस निगम पार्षद के मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है।