{"_id":"5dec435f8ebc3e1b98259ed7","slug":"swati-maliwal-strike-continues-weight-reduced-by-three-kg","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाति मालीवाल का अनशन जारी, वजन तीन किलो हुआ कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाति मालीवाल का अनशन जारी, वजन तीन किलो हुआ कम
Sun, 08 Dec 2019 05:58 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 08 Dec 2019 05:58 AM IST
विज्ञापन
स्वाती का राजघाट पर अनशन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुष्कर्म मामलों में छह माह के भीतर ही फांसी की सजा सुनाए जाने सहित तमाम मांगों को लेकर राजघाट के नजदीक समता स्थल पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी है। मेडिकल जांच में उनका वजन तीन किलो कम आया है।
विज्ञापन
डॉक्टरों का कहना है कि उनकी तबियत अब कमजोर दिखने लगी है। शनिवार को डॉक्टरों ने जांच के बाद उनके शरीर का वजन 60.4 किलोग्राम पाया जबकि ब्लड प्रेशर 130/70 और पल्स 100 पाई गई।
विज्ञापन
डॉक्टरों के मुताबिक स्वाति मालीवाल का करीब 3.1 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। शनिवार को समता स्थल से महात्मा गांधी की समाधि पर स्वाति मालीवाल व्हीलचेयर पर पहुंचीं। आमरण अनशन के पहले दिन से वह हर सुबह समाधि पर पहुंच बापू को श्रद्घांजलि देते हुए देश में महिलाओं की सुरक्षा की लड़ाई लड़ रही हैं।
विज्ञापन
उन्नाव पीड़िता की मौत पर गहरा शोक बताते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को एक माह के भीतर फांसी की सजा होनी चाहिए। सरकार असंवेदनशील है, पीड़िताओं की चीखें उसे सुनाई नहीं देतीं। वह अपने देश की सरकार पर शर्मिंदा हैं।
वहीं शनिवार को स्वाति मालीवाल के समर्थन में मंडावली रेलवे कॉलोनी इलाके में महिलाओं ने मशाल यात्रा निकाली। मेरी आवाज सुनो संस्था की ओर से आयोजित इस यात्रा में महिलाओं ने दुष्कर्म के दोषियों को छह माह के भीतर ही दोषी करार देते हुए फांसी की सजा देने के कानून की मांग की है।
संस्था से जुड़ी अनिता चौधरी ने बताया कि स्वाती मालीवाल आमरण अनशन पर हैं और पूरे देश की महिलाएं उन्हें अपना समर्थन दे रही हैं। अबकी बार सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से सख्त कानून लागू कराना ही होगा।