ये स्वामी बड़ा शातिर है: बनवा रखा था PMO का फर्जी परिचय पत्र, विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
अमर उजाला को जांच में पता लगा कि आरोपी चैतन्यानंद ने प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी परिचय पत्र बनवा रखा था। यह मामला ट्रायल कोर्ट में चल रहा है।
Please wait...
विस्तार
श्री श्रृंगेरी मठ के वसंतकुंज में स्थित आश्रम (श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट) में 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अमर उजाला को जांच में पता लगा कि आरोपी चैतन्यानंद ने प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी परिचय पत्र बनवा रखा था। यह मामला ट्रायल कोर्ट में चल रहा है। इसके अलावा वसंतकुंज पुलिस को जांच में आरोपी के दो पासपोर्ट मिले हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के साथ है फोटो
यह भी पता लगा है कि छात्राओं की शिकायत पर मामला दर्ज होने से पहले आरोपी स्वामी अमेरिका से भारत आ गया था। दावा किया जा रहा है कि उसके इंस्टीट़्यूट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के कई नेताओं के साथ फोटो हैं। हालांकि पुलिस को जांच में पता लगा कि इसने एआई से नेताओं आदि के साथ अपने फोटो बनवा रखे थे।
खुद को अमेरिकी नागरिक बताता था
आश्रम के प्रशासक आरए मुरली की ओर से 23 जुलाई, 25 को दी गई शिकायत में कहा कि आरोपी ने गजट में अपने पिता का नाम स्वामी गगनानंदाजीपुरी लिखा है, जबकि पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस में आरोपी के पिता का नाम स्वामी दयानंद सरस्वती लिखा हुआ है। कई जगह पर उन्होंने दावा किया कि वह जी. पार्थसारथी के पुत्र हैं। आरोपी ने कई बार खुद को अमेरिका का नागरिक भी बताया है। पुलिस ने जब आरोपी स्वामी के पासपोर्ट की जांच की तो एफआरआरओ से पता लगा कि स्वामी ने दो पासपोर्ट अलग-अलग नाम से बनवा रखे थे। वीआईपी जगह पर जाने के लिए एंबेसी की नंबर प्लेट लगाता था
बेसमेंट से वॉल्वो कार बरामद
वसंतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने महंगी कारों पर एंबेसी की नंबर प्लेट लगाने को लेकर अलग एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने प्राथमिकी में कहा कि इंस्टीट्यूट के बेसमेंट से जो वॉल्वो कार बरामद की है उस पर यूएन का 39 यूएन 1 नंबर लिखा था। इस कार का इस्तेमाल आरोपी स्वामी उर्फ डॉ. स्वामी पार्थ सारथी द्वारा किया जाता था। इस मामले में आश्रम के प्रशासक आरए मुरली ने ही शिकायत दी है।
विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट से खुलासा
जांच के लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग को नोटिस भेजा था। विदेश मंत्रालय ने भी दिल्ली पुलिस को बताया कि यूएन का इस तरह का किसी को नंबर आबंटित नहीं किया गया है। पुलिस ने जब आरोपी के चालक विक्रम सिंह तोमर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वॉल्वो कार का असली रजिस्ट्रेशन नंबर डीएल 4 सीएएफ-0088 है। इस नंबर पर स्वामी ने यूएन का नंबर लगवा रखा था। पुलिस को आश्रम से एंबेसी की 9 नंबर प्लेट मिली हैं। पुलिस ने चालक विक्रम सिंह तोमर के बयान दर्ज कर लिए हैं।