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तावडू़ में दम तोड़ा स्वच्छ भारत अभियान ने, कस्बे में चारों ओर फैली गंदगी

Sun, 02 Oct 2016 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sun, 02 Oct 2016 09:24 AM IST
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swachh bharat mission is not getting result in gurgaon

दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की गई थी। उस वक्त शहरों में गंदगी और प्रदूषित वातावरण में रहने को मजबूर एक बड़ी आबादी में स्वच्छ हवा में सांस लेने की उमीद अवश्य जगी थी। परंतु स्वच्छता अभियान कस्बे में दम तोड़ता नजर आ रहा है।

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हालात यह है कि कस्बे में जहां भी नजर डालो, दूर-दूर तक कचरे व मलबे के ढेर व हवा में उड़ती प्लास्टिक की थैलियां नजर आती हैं। हालांकि पालिका प्रशासन स्वच्छ भारत अभियान को लेकर गंभीर होने का दावा अवश्य कर रहा है। तावडू से पेश है स्वच्छता अभियान की अमर उजाला संवाददाता मौहमद शाहिद मेवाती की लाईव रिपोर्ट
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काबिलेगौर है की 2 अक्टूबर 2014 गांधी जंयती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में उनकी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन का आगाज किया था।
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प्रधानमंत्री के आह्वान पर सभी छोटे बड़े नेताओं ने अपने अपने क्षेत्रों में झाडू चलाई और लोगों को अभियान के प्रति जागरूक किया। इस कार्य में अधिकारी भी पीछे नहीं रहे। लेकिन कस्बे  व ग्रामीण क्षेत्र के हालातों पर नजर डाले तो अभियान की सफलता की पोल खुलकर सामने आती है।

कस्बे में गंदगी निस्तारण व डस्टबीन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों व प्रतिष्ठानों का कचरा व दूषित सामग्री सड़कों व वार्डो के साथ फैंकी जा रहीं है। गंदे पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से बदबू पनप रहीं है।

कस्बे की नियमित साफ-सफाई, शौचालय निर्माण या जगह-जगह कूड़ेदान की व्यवस्था तो दूर नगर पालिका के गठन के बाद से इकठ्ठा किये गए ठोस कचरे को निष्पादन करने के लिए डंपिंग ग्राउंड व डस्टबीन तक की व्यवस्था आजतक नहीं हो पाई है।

ऐसे कैसे होगा पीएम का सपना पूरा
कस्बे में स्वच्छ भारत मिशन की सच्ची तस्वीर की बानगी सरकारी दतरों के आसपास देखने को मिल जायेगी। विभिन्न कार्यालयों के आसपास गंदगी का साम्राज्य बना हुआ है। उदाहरण के तौर पर तहसील कार्यालय  व पीएचसी के मुय द्वार के साथ  पोलिथिन नियुक्ति कच्चरा जमा है।

थाने के मुख्य द्वार व नई अनाज मंडी में स्थित सब्जी मंडी में भरा गंदा पानी व फैंली गंदगी तथा मुख्य सड़क पर पड़ा कुड़ा स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहा है। पूर्व सरपंच अख्तर अली, पूर्व पंच जमालुदीन, जगदीश मेंहदीरत्ता, रामकिशन, ब्लाक समिति सदस्य अब्दुल हमीद आदि का कहना है की जिन अधिकारियों को साफ सफाई का जिम्मा दिया गया है।

उन्हीं अधिकारियों के कार्यालयों के आसपास गंदगी का अंबार लगा है। तहसील कार्यालय में घुसने से पहले कूड़े का ढेर लगा है। पीएचसी के पास गंदगी पसरी हुई है। अधिकारी कस्बे व गांव गांव में जाकर जागरूकता अभियान चला रहे है।


जबकि उनके कार्यालय के सामने गंदगी फैली है। अधिकारियो को चाहिए की वह अपने कार्यालयों के पास सफाई रखे। ताकि इससे प्रेरित होकर लोग स्वच्छता को अपना सके।

गंदगी के ढेरों से आ रहीं दु़र्गंध
डस्बीन नहीं होने के कारण कस्बेवासी खुले में कुड़ा फैंक जाते है। समय पर कुड़ा नहीं उठाने पर सड़क पर उड़ने लगता है। यहां उठ रहीं दुर्गध से आसपास के लोगों का रहना जहां दुशवार हो गया है, वहीं राहगीरों का चलना भी मुश्किल हो रहां है। सड़क व वार्डो में पड़े कूड़े को दोपहर तक नहीं उठाया जाता है।

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