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Delhi AIIMS: एम्स ट्रॉमा सेंटर में दोगुनी होंगी सर्जरी, पांच अतिरिक्त ओटी तैयार, जानें किन मरीजों को होगा लाभ

Fri, 06 Sep 2024 10:03 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 06 Sep 2024 10:03 PM IST
सार

एम्स ट्राॅमा सेंटर में अभी पांच सामान्य और एक इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर हैं। इनके अलावा ट्राॅमा सेंटर में पांच अतिरिक्त मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं।

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Surgeries will be doubled in AIIMS Trauma Center
Delhi AIIMS - फोटो : ANI

विस्तार

एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए आ रहे गंभीर मरीजों को सर्जरी के लिए दूसरे अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऐसे मरीजों को राहत देने के लिए अगले माह से ट्रॉमा सेंटर में ऑपरेशन थियेटर की संख्या दोगुनी हो जाएगी।

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एम्स ट्राॅमा सेंटर में अभी पांच सामान्य और एक इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर हैं। इनके अलावा ट्राॅमा सेंटर में पांच अतिरिक्त मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। यह पांचों ओटी तैयार हैं। उम्मीद है कि ये अगले माह से चालू हो जाएंगे। इनके शुरू होने के बाद ट्राॅमा सेंटर में ऑपरेशन थियेटर की संख्या दोगुनी हो जाएगी।

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मौजूदा समय एम्स ट्राॅमा सेंटर में हर माह छोटी-बड़ी 600 सर्जरी होती हैं। ओटी की संख्या बढ़ने के बाद इन सर्जरी की संख्या बढ़कर 1200 तक पहुंच जाएगी। इसका सीधा फायदा उन मरीजों को होगा, जिन्हें अभी बेड उपलब्ध न हो पाने के कारण मजबूरन दूसरे अस्पताल में रेफर कर देना पड़ता है।

एम्स ट्राॅमा सेंटर के प्रमुख डॉ. कामरान फारूकी ने कहा कि पांचों मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनकर तैयार हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह अगले माह तक सर्जरी के लिए मिल जांएगे। यह पांचों ओटी एडवांस सुविधाओं से लैस हैं। इनकी मदद से हम सर्जरी की संख्या को दोगुनी कर पाने में सक्षम हो सकेंगे। सर्जरी की संख्या बढ़ने से मरीज को जल्द छुट्टी देकर उक्त बिस्तर पर दूसरे मरीज को भर्ती कर इलाज दे सकेंगे। मौजूदा व्यवस्था में कुछ मरीजों को बिस्तर न होने के कारण दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ जाता है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सर्जरी बढ़ने के बाद यह स्थिति खत्म हो जाएगी।

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ये होते हैं मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर
मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित ओटी है। इन ओटी में हवा की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष फिल्टर लगे होते हैं। इनकी मदद से संक्रमण के खतरे को कम किया जाता है। इनमें नवीनतम मेडिकल उपकरण, एलईडी लाइटिंग, ऑडियो-वीडियो सिस्टम, और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को इंटीग्रेट किया जाता है। इसमें लगाए गए सभी कंट्रोल पैनल को सर्जन जरूरत के आधार पर कंट्रोल कर सकता है। सर्जन जरूरत के आधार पर ओटी में तापमान, आद्रता, लाइट, फोकस को अपने हिसाब से कम या ज्यादा कर सकता है। इनमें उपलब्ध संसाधनों की मदद से सर्जरी के दौरान सर्जन को आसानी होती है। इनमें विशेष रूप से साउंड और थर्मल इन्सुलेशन होता है। इसकी मदद से ध्वनि और तापमान को नियंत्रण किया जा सकता है। इससे सर्जरी के दौरान एक आदर्श वातावरण मिलता है।

अपग्रेड होंगे पुराने ऑपरेशन थियेटर
एम्स ट्राॅमा सेंटर में पहले से मौजूद पांच सामान्य और एक इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर को भी आने वाले समय में अपग्रेड किया जाएगा। इन ऑपरेशन थियेटर को ट्राॅमा सेंटर के निर्माण के दौरान बनाया गया था। करीब 17 साल पहले बनाने के दौरान इनमें विशेष व्यवस्था नहीं थी। अभी तक मरीजों के ऑपरेशन इन्हीं ओटी में हो रहे हैं। नए ओटी शुरू होने के बाद इन छह ओटी को भी मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर में अपग्रेड किया जाएगा। इस काम में एक से दो साल का समय लग सकता है। डॉक्टरों की मानें तो धीरे-धीरे इन्हें अपग्रेड किया जाएगा, ताकि सर्जरी प्रभावित न हों।

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