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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'ताज संरक्षण के विजन डॉक्यूमेंट्स में गोपनीयता क्या है, इसे सार्वजनिक कीजिए'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 30 Nov 2018 07:30 AM IST
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स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ताजमहल के संरक्षण केलिए विजन डॉक्यूमेंट्स अगले कुछ दिनों में तैयार कर लिया जाएगा और इसे उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दिया जाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि विजन डॉक्यमेंट्स को सार्वजनिक कर दिया जाना चाहिए क्योंकि इसमें गोपनीयता जैसी कोई बात नहीं है।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की मीनाक्षी दोते ने न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को बताया कि विजन डॉक्यूमेंट्स तैयार करने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि इसे अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट्स को लेकर ईमेल आदि से भी सुझाव आए हैं, उन पर भी गौर किया जा रहा है। पीठ ने यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल एश्वर्या भाटी से कहा कि विजन डॉक्यूमेंट्स को सार्वजनिक कर दिया जाना चाहिए क्योंकि इसमें गोपनीयता बरतने वाली कोई बात नहीं है।
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साथ ही पीठ ने ताज ट्रेपेज्यिम जोन(टीटीजेड) में उद्योगों केविस्तार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने किसी तरह का आदेश पारित करने से इनकार किया है। पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन को उत्तर प्रदेश केउद्योग विभाग के प्रधान सचिव से संपर्क करने केलिए कहा है।
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स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की मीनाक्षी दोते ने न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को बताया कि विजन डॉक्यूमेंट्स तैयार करने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि इसे अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट्स को लेकर ईमेल आदि से भी सुझाव आए हैं, उन पर भी गौर किया जा रहा है। पीठ ने यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल एश्वर्या भाटी से कहा कि विजन डॉक्यूमेंट्स को सार्वजनिक कर दिया जाना चाहिए क्योंकि इसमें गोपनीयता बरतने वाली कोई बात नहीं है।
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साथ ही पीठ ने ताज ट्रेपेज्यिम जोन(टीटीजेड) में उद्योगों केविस्तार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने किसी तरह का आदेश पारित करने से इनकार किया है। पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन को उत्तर प्रदेश केउद्योग विभाग के प्रधान सचिव से संपर्क करने केलिए कहा है।
ताज के आसपास के इलाके को हेरिटेज बनाने पर किया जा रहा है विचार
केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने पीठ को बताया कि पहला ड्राफ्ट हैरिटेज प्लान आठ हफ्ते में तैयार कर लिया जाएगा और इसे यूनेस्को को सौंप दिया जाएगा।
वहीं यूपी सरकार ने बताया कि वह सैद्धांतिक रूप से पूरे आगरा को हैरिटेज सिटी बनाने केखिलाफ नहीं है लेकिन पूरे आगरा को हैरिटेज सिटी बनाना संभव नहीं है। ताजमहल केआसपास केइलाकों को हैरिटेज बनाया जा सकता है।
ताजमहल केआसपास केइलाकों को हैरिटेज बनाने के मसले पर अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर इंवॉयरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी से मदद ली जा रही है। इसमें करीब 24 महीने लगेंगे। इस पर पीठ ने कहा कि 24 महीने क्यों लगेंगे?
वहीं यूपी सरकार ने बताया कि वह सैद्धांतिक रूप से पूरे आगरा को हैरिटेज सिटी बनाने केखिलाफ नहीं है लेकिन पूरे आगरा को हैरिटेज सिटी बनाना संभव नहीं है। ताजमहल केआसपास केइलाकों को हैरिटेज बनाया जा सकता है।
ताजमहल केआसपास केइलाकों को हैरिटेज बनाने के मसले पर अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर इंवॉयरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी से मदद ली जा रही है। इसमें करीब 24 महीने लगेंगे। इस पर पीठ ने कहा कि 24 महीने क्यों लगेंगे?