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Delhi NCR News: आईआईटी में छात्र की मौत के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार
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-मृतक के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजे देने और दोषियों पर कार्रवाई व स्वतंत्र जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईआईट दिल्ली कैंपस में एमएससी फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आईआईटी दिल्ली प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
सुबह करीब 8:30 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तक जारी रहा। तेज बारिश के बावजूद छात्रों ने लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स के भीतर धरना जारी रखा। इस दौरान छात्रों ने स्टूडेंट अफेयर्स के डीन, एसोसिएट डीन और फिजिक्स विभाग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही मृतक छात्र के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने और पूरे मामले पर प्रशासन से लिखित जवाब देने की मांग रखी।
प्रदर्शन के दौरान आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने छात्रों से बातचीत की। निदेशक ने छात्रों के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और मुआवजे तथा स्वतंत्र जांच की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया।
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ढाई साल में 8 छात्रों की मौत का दावा
छात्रों ने कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर पारदर्शिता की मांग उठायी। छात्रों का दावा है कि पिछले ढाई साल में आठ छात्रों की आत्महत्या से मौत हो चुकी है। छात्रों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य और अकादमिक दबाव से जुड़ी गंभीर व्यवस्थागत समस्या की ओर इशारा करती हैं। छात्रों के मुताबिक, ऋषिकेश कुमार प्रोजेक्ट को लेकर लगातार दबाव में था। मालूम हो कि बीते शनिवार को पुलिस को आईआईटी दिल्ली में एक छात्र के इमारत से गिरने की सूचना मिली थी। कैंपस के अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईआईट दिल्ली कैंपस में एमएससी फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आईआईटी दिल्ली प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
सुबह करीब 8:30 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तक जारी रहा। तेज बारिश के बावजूद छात्रों ने लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स के भीतर धरना जारी रखा। इस दौरान छात्रों ने स्टूडेंट अफेयर्स के डीन, एसोसिएट डीन और फिजिक्स विभाग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही मृतक छात्र के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने और पूरे मामले पर प्रशासन से लिखित जवाब देने की मांग रखी।
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प्रदर्शन के दौरान आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने छात्रों से बातचीत की। निदेशक ने छात्रों के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और मुआवजे तथा स्वतंत्र जांच की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया।
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ढाई साल में 8 छात्रों की मौत का दावा
छात्रों ने कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर पारदर्शिता की मांग उठायी। छात्रों का दावा है कि पिछले ढाई साल में आठ छात्रों की आत्महत्या से मौत हो चुकी है। छात्रों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य और अकादमिक दबाव से जुड़ी गंभीर व्यवस्थागत समस्या की ओर इशारा करती हैं। छात्रों के मुताबिक, ऋषिकेश कुमार प्रोजेक्ट को लेकर लगातार दबाव में था। मालूम हो कि बीते शनिवार को पुलिस को आईआईटी दिल्ली में एक छात्र के इमारत से गिरने की सूचना मिली थी। कैंपस के अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया था।