हट सकती है डीजल वाहनों के पंजीकरण पर लगी रोक: सुप्रीम कोर्ट
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2000 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले डीजल एसयूवी और कार खरीदने को मिल सकती है खुशखबरी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एकमुश्त पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क अदा करने पर ऐसे वाहनों के पंजीकरण पर लगी रोक हटाई जा सकती है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि हम 2000 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले डीजल एसयूवी और कार के पंजीकरण पर लगी रोक को हटा सकते हैं।
लेकिन इसके लिए खरीददार को एकमुश्त पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क का भुगतान करना होगा।
पंजीकरण पर 31 मार्च तक के लिए रोक लगाई थी
मालूम हो कि गत 16 दिसंबर को दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2000 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले डीजल वाहनों के पंजीकरण पर 31 मार्च तक के लिए रोक लगा दी थी।
बाद में रोक को अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दिया गया। सुनवाई के दौरान ऑटोमोबाइल कंपनियों की ओर से वरिष्ठ वकीलों से डीजल वाहनों के पंजीकरण के वक्त पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूलने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए कहा है।
पीठ ने उनसे कहा कि आप इस पर विचार कीजिए कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क क्या होनी चाहिए। जिस पर वरिष्ठ वकीलों ने कहा कि वह इस संबंध में प्रस्ताव अदालत के समक्ष रखेंगे।