नोएडा में घर की जगह संस्थागत क्वारंटीन पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल, कहा फिर से करें विचार
- नोएडा डीएम के आदेश पर जताई आपत्ति, कहा पुनर्विचार करें
- अदालत ने कहा राज्य और राष्ट्रीय नियम का पालन जरूरी
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सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा डीएम के उस आदेश पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने लोगों को होम क्वारंटीन के बजाय संस्थागत क्वारंटीन में भेजने की बात कही है। कोर्ट ने कहा, कोई भी आदेश राष्ट्रीय दिशा-निर्देश से अलग नहीं हो सकता। ऐसा हुआ तो अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा, डीएम का आदेश सही नहीं है। हम राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के पालन का आदेश दे सकते हैं, लेकिन हम चाहेंगे कि डीएम खुद आदेश पर पुनर्विचार करें। कोर्ट ने यूपी सरकार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
यूपी सरकार की ओर से पेश वकील गरिमा प्रसाद ने नोएडा-गाजियाबाद की आबादी और कोरोना के मामले तथा उससे निपटने के तरीके में दिल्ली से अंतर का हवाला देते हुए कहा, राष्ट्रीय राजधानी में होम क्वारंटीन का नियम है जबकि नोएडा व गाजियाबाद में संस्थागत क्वारंटीन का नियम है। इस पर पीठ ने कहा, अगर कोरोना के लक्षण न हों, तो क्या किया जाता है? राष्ट्रीय दिशा-निर्देश के तहत ऐसे मरीजों के लिए होम क्वारंटीन का नियम है।
राज्य और राष्ट्रीय नियम का पालन जरूरी
जस्टिस भूषण ने कहा, नोएडा डीएम का आदेश यूपी सरकार के निर्देशों के अनुरूप नहीं है। यह बिलकुल अलग है। डीएम के लिए राष्ट्रीय और राज्य के दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। ऐसा न होने पर परेशानी पैदा कर सकती है।
दिल्ली से हरियाणा आने-जाने में रोक नहीं, यूपी में हैं कुछ पाबंदियां
दिल्ली-एनसीआर में आवाजाही को लेकर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, कोर्ट के निर्देश पर 9 जून को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्य सचिवों की बैठक हुई। उन्होंने कहा, अब एक राज्य से दूसरे राज्यों में जाने पर रोकटोक नहीं है। हरियाणा और दिल्ली में आने-जाने पर कोई पाबंदी नहीं है।
हालांकि यूपी सरकार ने कुछ पाबंदियां लगा रखी हैं। गौरतलब है कि चार जून को सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया था कि एनसीआर के शहरों में आने-जाने के लिए ‘कॉमन पास’ होना चाहिए। सनद रहे कि यूपी सरकार ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिल्ली सीमा को सील करने को जायज बताते हुए कहा था कि वह दिल्ली के संक्रमण को लेने के लिए तैयार नहीं हैं।
दिल्ली में 40 गुना अधिक मरीज : यूपी
यूपी सरकार की वकील गरिमा प्रसाद ने कहा, दिल्ली में नोएडा-गाजियाबाद के मुकाबले 40 गुना अधिक मरीज हैं। नोएडा और गाजियाबाद में कोरोना से 40 मौत हुई है, वहीं दिल्ली में यह आंकड़ा 1000 के पार है। जरूरी सेवाओं से जुड़े लोग, मीडियाकर्मी और वकीलों के आने-जाने पर रोक नहीं है। ये लोग आवश्यक पास पर आ-जा सकते हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 जून को होगी।