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दिल्ली: सीलिंग मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को कोर्ट ने भेजा अवमानना नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 19 Sep 2018 05:32 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम द्वारा सील किये गये एक मकान की सील तोड़ने के मामले में बुधवार को दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी को अवमानना का नोटिस जारी किया। इससे पहले, न्यायालय ने इस घटना के बारे में शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त निगरानी समिति की रिपोर्ट पर गौर किया।
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न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी को 25 सितंबर को पेश होने का निर्देश देते हुये कहा कि, 'यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि ने शीर्ष अदालत के आदेशों की अवहेलना करने का प्रयास किया।'
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निगरानी समिति की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, तिवारी द्वारा पूर्वी दिल्ली में एक मकान की सील तोड़ने के आरोप ‘परेशान करने वाली स्थिति’ को दर्शाते हैं।
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सीलिंग मामले में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने पीठ के समक्ष निगरानी समिति की रिपोर्ट पेश की और कहा कि इसके साथ ही घटना से संबंधित एक वीडियो भी संलग्न है।
कुमार ने पीठ को बताया कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम की शिकायत के आधार पर मनोज तिवारी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। गोकुलपुरी इलाके में सील किए गए एक मकान का ताला तोड़ने के आरोप में मनोज तिवारी के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर दर्ज करायी गयी थी।।
उत्तर पूर्वी दिल्ली में स्थित यह संपत्ति सील की गयी थी क्योंकि इसमें दिल्ली के मास्टर प्लान का कथित रूप से उल्लंघन करके डेयरी चलायी जा रही थी। शीर्ष अदालत ने इससे पहले भी निगरानी समिति के काम में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप पर कड़ा रूख अपनाते हुये कहा था कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।
The Supreme Court bench says “It’s important that elected members should not defy the order of this court." The Court asks him as to why the process of contempt of court should not be initiated against him for allegedly violating the Supreme Court's order with respect to sealing. https://t.co/qWTfy8V7gx
— ANI (@ANI) September 19, 2018