फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   supreme court deny Death penalty to Nitish Katara murder convict

'नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषियों को फांसी नहीं'

Sat, 10 Oct 2015 12:02 PM IST
Updated Sat, 10 Oct 2015 12:02 PM IST
विज्ञापन
supreme court deny Death penalty to Nitish Katara murder convict

सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए विकास और विशाल यादव को फांसी की सजा देने से इनकार किया है। इतना ही नहीं शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि ताउम्र कैद की सजा भी नहीं बनती।

विज्ञापन


नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दोषियों को फांसी देने की गुहार की थी। हाईकोर्ट ने दोनों की 30-30 साल कैद की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ और न्यायमूर्ति आर भानूमति की पीठ ने इस हत्याकांड को ऑनर किलिंग मानने से भी इनकार कर दिया है। पीठ ने इसको महज हत्या का मामला बताया। पीठ ने कहा कि हत्या पूर्व नियोजित हो सकती है लेकिन जघन्य हत्या नहीं है। पीठ ने कहा कि  हर हत्या पूर्व नियोजित होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नीतीश को जबरन साथ ले जाया गया

supreme court deny Death penalty to Nitish Katara murder convict

नीलम कटारा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने पीठ के समक्ष दलील देते हुए कहा कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में आता है। हत्या सुनियोजित तरीके से की गई।


पहले नीतीश को जबरन साथ ले जाया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इतना ही हत्या केबाद शव को जला भी दिया गया। लेकिन पीठ ने इस रेयरेस्ट ऑफ रेयर का मामला मानने से इनकार कर दिया।

पीठ ने कहा कि नीतीश की मौत हथौड़े के एक घातक वार से हुई। और जहां तक शव को जलाने की बात है वह हत्या के बाद की गई। सूबत को नष्ट करने के लिए ऐसा किया गया। लिहाजा अदालत ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला मानने से इनकार कर दिया।

पीठ ने ऑनर किलिंग का मामला मानने से भी किया इंकार

supreme court deny Death penalty to Nitish Katara murder convict

साल्वे ने पीठ को यह भी समझाने का प्रयास किया कि यह मामला ऑनर किलिंग का है। लेकिन पीठ ने इसे भी मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि भारती यादव अपनी बहन की शादी का निमंत्रण देने नीतीश के घर गई थी।


मतलब है कि दोनों घरवालो को इन दोनों के रिश्ते के बारे में पहले से पता था। पीठ ने कहा कि हत्या की वजह शादी समारोह में नीतीश और भारती का एक साथ डांस करना था।

साथ ही शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि यह जवान व्यक्तियों द्वारा एक जवान व्यक्ति को मारने की घटना है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने विकास, विशाल और सुखदेख की दोषसिद्धि को सही ठहराया है।

हालांकि शीर्ष अदालत दोषियों द्वारा सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गई है। गौरतलब है कि वर्ष 16 फरवरी 2002 में नीतीश की हत्या कर दी गई थी और बाद में उसके शव को जला दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed