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बड़ा फैसला: मुख्तार अंसारी को तगड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दो हफ्ते में भेजें उत्तर प्रदेश

Fri, 26 Mar 2021 02:55 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Fri, 26 Mar 2021 02:55 PM IST
सार

  • जनवरी 2019 से पंजाब की जेल में बंद है बाहुबली मुख्तार अंसारी
  • 14 आपराधिक मुकदमों के लिए यूपी सरकार को थी तलाश
  • स्वास्थ्य कारणों से पंजाब सरकार कर रही थी कस्टडी ट्रांसफर से इनकार

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Supreme Court decision Bahubali leader Mukhtar Ansari shifted in two weeks from punjab to up 
मुख्तार अंसारी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के मुकदमे और उनकी कस्टडी ट्रांसफर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला दिया। अंसारी को उत्तर प्रदेश की जेल में दो हफ्ते के अंदर शिफ्ट करना होगा। पंजाब सरकार की दलीलों से कोर्ट संतुष्ट नहीं था और इस पर अपना फैसला सुनाया। इसके साथ ही विशेष कोर्ट तय करेगा कि अंसारी को इलाहाबाद या बांदा में से किस जेल में रखा जाएगा। 

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इससे पहले पंजाब सरकार ने रूपनगर जेल में बंद विधायक व माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया था। 14 आपराधिक मुकदमों के लिए यूपी सरकार को अंसारी की कस्टडी की दरकार है। जनवरी 2019 से अंसारी पंजाब की जेल में है, जहां उसे जबरन वसूली मामले में नामजद किया गया था। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि अंसारी की अनुपस्थिति के कारण यूपी में मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है।
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यूपी सरकार की याचिका पर पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर अंसारी को यूपी सरकार की हिरासत में देने से इनकार किया था। पंजाब सरकार ने इसका कारण अंसारी के स्वास्थ्य को बताया था। जेल अधीक्षक के माध्यम से दायर हल्फमामे में कहा गया था कि अंसारी कथित तौर पर उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अवसाद, पीठ दर्द और त्वचा की एलर्जी से पीड़ित है।
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यूपी सरकार की रिट याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए पंजाब-सरकार ने कहा था कि वह चिकित्सकों की राय के अनुसार काम कर रही है। अंसारी को यूपी से दूर रखने के लिए कोई पूर्वकल्पित साजिश नहीं थी। हलफनामे में कहा गया था कि यूपी की रिट याचिका विचार करने योग्य नहीं है क्योंकि पंजाब में अंसारी को हिरासत में रखे जाने को यूपी अपने मौलिक अधिकार के उल्लंघन का दावा नहीं कर सकती।


यूपी सरकार की याचिका में कहा था कि राज्य में अंसारी के खिलाफ गंभीर मुकदमे लंबित हैं लेकिन बावजूद इसके अंसारी एक छोटे अपराध के मामले में दो वर्ष से पंजाब के जेल में है। राज्य सरकार का कहना था कि अदालत ने कई बार अंसारी को पेशी वारंट जारी किया लेकिन जेल अथॉरिटी ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंसारी को यूपी भेजने में तालमटोल कर रही थी। 

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