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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, यूनिटेक से वसूले गए 66.82 करोड़ जमा कराए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 11 Sep 2018 10:21 AM IST
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फाइल फोटो
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सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से सोमवार को कहा कि वह यूनिटेक से वसूली गई रकम में से 66.82 करोड़ रुपये रजिस्ट्री में जमा कराए गए ताकि ग्रेटर नोएडा की हाउसिंग स्कीम में बुकिंग कराने वालों को पैसे लौटाए जा सकें।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने हालांकि स्पष्ट कहा कि ग्रेटर नोएडा के प्रोजेक्ट में जमीन बुक कराने वाले नाराज खरीदार अपनी शिकायतें लेकर उपभोक्ता अदालत में भी जा सकते हैं।
पीठ ने एमिकस क्यूरी (न्यायमित्र) पवन श्री अग्रवाल से कहा कि जो आवेदक रिफंड चाहते हैं, उनके नाम और अन्य ब्योरों का सत्यापन किया जाए। इन सभी आवेदकों ने यूनिवर्ल्ड सिटी-यूनी होम्स प्लॉट्स सेक्टर-एमयू में प्लॉट के लिए बुकिंग कराई थी।
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इससे पहले पीठ ने अग्रवाल से यूनिटेक लिमिटेड की हाउसिंग स्कीम से बाहर निकलकर रिफंड चाहने वाले फ्लैट या प्लॉट खरीदारों के नाम पंजीकृत कराने के लिए एक पोर्टल बनाने को कहा था। पीठ में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने हालांकि स्पष्ट कहा कि ग्रेटर नोएडा के प्रोजेक्ट में जमीन बुक कराने वाले नाराज खरीदार अपनी शिकायतें लेकर उपभोक्ता अदालत में भी जा सकते हैं।
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पीठ ने एमिकस क्यूरी (न्यायमित्र) पवन श्री अग्रवाल से कहा कि जो आवेदक रिफंड चाहते हैं, उनके नाम और अन्य ब्योरों का सत्यापन किया जाए। इन सभी आवेदकों ने यूनिवर्ल्ड सिटी-यूनी होम्स प्लॉट्स सेक्टर-एमयू में प्लॉट के लिए बुकिंग कराई थी।
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इससे पहले पीठ ने अग्रवाल से यूनिटेक लिमिटेड की हाउसिंग स्कीम से बाहर निकलकर रिफंड चाहने वाले फ्लैट या प्लॉट खरीदारों के नाम पंजीकृत कराने के लिए एक पोर्टल बनाने को कहा था। पीठ में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं।
पीठ ने कहा कि जहां तक अन्य शिकायतों की बात है तो खरीदार संबंधित उपभोक्ता अदालतों का दरवाजा खटखटा सकते हैं जहां डेवलपर और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विवाद का निपटारा किया जा सकेगा।
पीठ ने यूनिटेक लिमिटेड और प्लॉट खरीदारों की याचिकाओं पर अगली सुनवाई की तारीख 18 सितंबर तय कर दी। यूनिटेक की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि डेवलपर को 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी, जिसके लिए उसे प्राधिकरण में 555 करोड़ रुपये जमा कराना था।
अब तक डेवलपर ने स्टांप ड्यूटी समेत 325 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं और 350 खरीदारों के लगभग 67 करोड़ रुपये प्राधिकरण के पास हैं।
पीठ ने यूनिटेक लिमिटेड और प्लॉट खरीदारों की याचिकाओं पर अगली सुनवाई की तारीख 18 सितंबर तय कर दी। यूनिटेक की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि डेवलपर को 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी, जिसके लिए उसे प्राधिकरण में 555 करोड़ रुपये जमा कराना था।
अब तक डेवलपर ने स्टांप ड्यूटी समेत 325 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं और 350 खरीदारों के लगभग 67 करोड़ रुपये प्राधिकरण के पास हैं।