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सुपर हीरो की तरह ‘बर्निंग कार’ में कूदा कृष
सौरभ पांडेय/अमर उजाला, साहिबाबाद
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:40 PM IST
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फर्रुखनगर में पटाखों में हुए धमाके से कार में लगी आग में में फंसे साथियों को बचाने के लिए 8 साल का कृष जलती कार में कूद गया।
आठ साल के इस बहादुर ने साथियों को बचाने की लाख कोशिश की, खुद की चिंता किए बगैर वह बचाव कार्य में लगा रहा। इस दौरान उसके हाथ, पेट और चेहरा झुलस गया।
रविवार दोपहर हुए इस हादसे में चार बच्चों की मौत के बाद जहां फर्रखनगर में गम का माहौल है, वहीं लोग कृष की बहादुरी की चर्चा करते हुए भी नहीं थक रहे।
झुलसी हुई हालत में कृष को भी साहिबाबाद के अंबे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुरी तरह झुलसे रिजवान को भी लोनी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस समय फरहान, अक्शा, फरहान अली और फारिया पटाखों भरी कार में बैठकर गाना सुन रहे थे, पड़ोस में रहने वाला कृष भी अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था।
अचानक ही धमाका हुआ और कार में आग की लपटें उठने लगीं। कार के अंदर बंद चारों मासूम मदद को चिल्लाए तो कृष कार की और दौड़ा। तब तक कार मालिक रिजवान भी वहां पहुंच गया था।
रिजवान और कृष ने मिलकर चारों बच्चों को जलती कार से निकाला, मगर तब तक चारों ही बच्चों की झुलसकर मौत हो चुकी थी। मरने वालों में फरहान, अक्शा और फारिया कार मालिक रिजवान के ही बच्चे थे। जबकि फरहान नामक दूसरा मासूम रिजवान के भाई साजिद का बेटा था।
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बिना लाइसेंस फैक्ट्री, सुरक्षा में भी लापरवाही
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पटाखा फैक्ट्री फर्रुखनगर पूरे साल मौत के मुहाने पर खड़ी दिखाई देती है।
रविवार को कार में हुए धमाके में चार मासूमों की मौत से पहले भी कई लोग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, मगर न तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई की, न ही कभी सुरक्षा के इंतजाम के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
हालांकि अब रिजवान के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, लापरवाही और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि रिजवान बिना लाइसेंस के फैक्ट्री चला रहा था। लाइसेंस उसके भाई के नाम है, जो गैर कानूनी है।
अक्सर कार को खुली छोड़ देता था रिजवान
लोगों का कहना है कि रिजवान अक्सर अपनी कार घर के बाहर खुली छोड़ देता था, जिसमें बच्चे खेलते और म्यूजिक सुनते।
यह भी बताया जा रहा है कि म्यूजिक सिस्टम की कार का एक तार पिछले कई दिनों से स्पार्किंग कर रहा था, जिससे निकली चिंगारी भी आग का कारण हो सकती थी।
सीओ विपिन ताड़ा ने बताया कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं बच्चों ने खेल में पटाखों में आग तो नहीं लगाई।
फोरेंसिक डिपार्टमेंट ने लिए सैंपल
एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने सभी सबूत जमा कर लिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर पर लगा मिला ताला
घटना के बाद पुलिस की टीम पीड़ितों के घर पहुंची तो घर पर ताला लगा मिला। हालांकि पुलिस ने संभावना जताई कि परिवार अस्पताल गया होगा। मगर घर में ताला लगा होने को शक की निगाह से देखा जा रहा है।
डीएम ने बनाई जांच कमेटी
फर्रुखनगर कांड पर जांच के लिए डीएम विमल कुमार शर्मा ने जांच की बात कही है। उन्होंने बताया कि एडीएम प्रशासन उदय सिंह और एएसपी को जांच के आदेश दिए गए हैं।
टीम फर्रखनगर मामले में गहनता से जांच के बाद रिपोर्ट उन्हें देगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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आठ साल के इस बहादुर ने साथियों को बचाने की लाख कोशिश की, खुद की चिंता किए बगैर वह बचाव कार्य में लगा रहा। इस दौरान उसके हाथ, पेट और चेहरा झुलस गया।
रविवार दोपहर हुए इस हादसे में चार बच्चों की मौत के बाद जहां फर्रखनगर में गम का माहौल है, वहीं लोग कृष की बहादुरी की चर्चा करते हुए भी नहीं थक रहे।
झुलसी हुई हालत में कृष को भी साहिबाबाद के अंबे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुरी तरह झुलसे रिजवान को भी लोनी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस समय फरहान, अक्शा, फरहान अली और फारिया पटाखों भरी कार में बैठकर गाना सुन रहे थे, पड़ोस में रहने वाला कृष भी अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था।
अचानक ही धमाका हुआ और कार में आग की लपटें उठने लगीं। कार के अंदर बंद चारों मासूम मदद को चिल्लाए तो कृष कार की और दौड़ा। तब तक कार मालिक रिजवान भी वहां पहुंच गया था।
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रिजवान और कृष ने मिलकर चारों बच्चों को जलती कार से निकाला, मगर तब तक चारों ही बच्चों की झुलसकर मौत हो चुकी थी। मरने वालों में फरहान, अक्शा और फारिया कार मालिक रिजवान के ही बच्चे थे। जबकि फरहान नामक दूसरा मासूम रिजवान के भाई साजिद का बेटा था।
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बिना लाइसेंस फैक्ट्री, सुरक्षा में भी लापरवाही
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पटाखा फैक्ट्री फर्रुखनगर पूरे साल मौत के मुहाने पर खड़ी दिखाई देती है।
रविवार को कार में हुए धमाके में चार मासूमों की मौत से पहले भी कई लोग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, मगर न तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई की, न ही कभी सुरक्षा के इंतजाम के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
हालांकि अब रिजवान के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, लापरवाही और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि रिजवान बिना लाइसेंस के फैक्ट्री चला रहा था। लाइसेंस उसके भाई के नाम है, जो गैर कानूनी है।
अक्सर कार को खुली छोड़ देता था रिजवान
लोगों का कहना है कि रिजवान अक्सर अपनी कार घर के बाहर खुली छोड़ देता था, जिसमें बच्चे खेलते और म्यूजिक सुनते।
यह भी बताया जा रहा है कि म्यूजिक सिस्टम की कार का एक तार पिछले कई दिनों से स्पार्किंग कर रहा था, जिससे निकली चिंगारी भी आग का कारण हो सकती थी।
सीओ विपिन ताड़ा ने बताया कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं बच्चों ने खेल में पटाखों में आग तो नहीं लगाई।
फोरेंसिक डिपार्टमेंट ने लिए सैंपल
एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने सभी सबूत जमा कर लिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर पर लगा मिला ताला
घटना के बाद पुलिस की टीम पीड़ितों के घर पहुंची तो घर पर ताला लगा मिला। हालांकि पुलिस ने संभावना जताई कि परिवार अस्पताल गया होगा। मगर घर में ताला लगा होने को शक की निगाह से देखा जा रहा है।
डीएम ने बनाई जांच कमेटी
फर्रुखनगर कांड पर जांच के लिए डीएम विमल कुमार शर्मा ने जांच की बात कही है। उन्होंने बताया कि एडीएम प्रशासन उदय सिंह और एएसपी को जांच के आदेश दिए गए हैं।
टीम फर्रखनगर मामले में गहनता से जांच के बाद रिपोर्ट उन्हें देगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।