1 करोड़ बच्चों में से एक बच्चे को होती है इस तरह की बीमारी, हुई सफल सर्जरी
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हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले एक वर्षीय आर्यन को दिल्ली के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने नई जिंदगी दी है।
डांसिंग आई एवं फीट सिंड्रोम से पीड़ित आर्यन की मिनिमल इन्वेसिव सर्जरी नया जीवन दिया गया है। बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
बीएलके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी एवं यूरोलॉजी विभाग के कंसलटेंट डॉ. प्रशांत जैन ने बताया कि आर्यन की जांच पड़ताल करने पर पता चला कि मासूम के फेफड़े और हृदय की धमनियों के करीब ट्यूमर है।
फेफड़े और हृदय की धमनियों के पास हो गया था ट्यूमर विकसित
इसके बाद ओपन सर्जरी की जगह मिनिमल इन्वेसिव सर्जरी की गई। इस तकनीक से सर्जरी करने के पहले मासूम की छाती में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस भर कर स्पेस निर्मित किया गया।
इसके बाद आर्योटा से सावधानी से ट्यूमर को अलग करके शरीर से बाहर निकाल दिया गया। मई के आखिरी सप्ताह में बच्चे की सर्जरी की गई थी और अब उसे अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।
डॉक्टरों का कहना है कि एक करोड़ में एक बच्चा इस तरह की बीमारी से पीड़ित होता है। बीमारी की वजह से आंखों, सिर, धड़ और हाथ-पांव में अचानक झटके आते हैं।