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Delhi NCR News: दिल्ली में पहली बार उंगली के छोटे जोड़ का सफल प्रत्यारोपण
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-महिला के हाथ की बीच वाली उंगली के पीआईपी जोड़ को हादसे में काफी नुकसान पहुंचा था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सर गंगा राम अस्पताल ने दिल्ली में पहली बार उंगली के छोटे जोड़ का सफल प्रत्यारोपण किया है। एक सड़क दुर्घटना में घायल 30 वर्षीय महिला की बीच वाली उंगली में कृत्रिम जोड़ लगाया गया। इस सर्जरी के बाद महिला की उंगली में फिर से हरकत शुरू हो गई है।
महिला की बाएं हाथ की बीच वाली उंगली के पीआईपी जोड़ को गंभीर नुकसान पहुंचा था। हड्डी का एक बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे उंगली पूरी तरह जकड़ गई थी। इसके कारण महिला को रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों ने 18 सितंबर को सर्जरी कर खराब जोड़ की जगह दो हिस्सों वाला कृत्रिम जोड़ (कैपफ्लेक्स पीआईपी सिस्टम) लगाया। सर्जरी के अगले ही दिन महिला को छुट्टी दे दी गई और वह अपनी उंगली को सक्रिय रूप से हिला पा रही थी।
जटिल सर्जरी और उद्देश्य
अस्पताल के हैंड और माइक्रो-सर्जन डॉ. निखिल झुनझुनवाला ने बताया कि दिल्ली में छोटे जोड़ के प्रत्यारोपण के लिए इस खास इम्प्लांट का यह पहला इस्तेमाल था। उन्होंने कहा कि इस मामले में चुनौती सिर्फ जोड़ के खराब होने की नहीं थी, बल्कि हड्डी का काफी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त था। डॉ. झुनझुनवाला के अनुसार, उंगली के छोटे जोड़ की सर्जरी तकनीकी रूप से जटिल होती है, क्योंकि इसके आसपास टेंडन, नसें और रक्त वाहिकाएं बहुत करीब होती हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सर गंगा राम अस्पताल ने दिल्ली में पहली बार उंगली के छोटे जोड़ का सफल प्रत्यारोपण किया है। एक सड़क दुर्घटना में घायल 30 वर्षीय महिला की बीच वाली उंगली में कृत्रिम जोड़ लगाया गया। इस सर्जरी के बाद महिला की उंगली में फिर से हरकत शुरू हो गई है।
महिला की बाएं हाथ की बीच वाली उंगली के पीआईपी जोड़ को गंभीर नुकसान पहुंचा था। हड्डी का एक बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे उंगली पूरी तरह जकड़ गई थी। इसके कारण महिला को रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों ने 18 सितंबर को सर्जरी कर खराब जोड़ की जगह दो हिस्सों वाला कृत्रिम जोड़ (कैपफ्लेक्स पीआईपी सिस्टम) लगाया। सर्जरी के अगले ही दिन महिला को छुट्टी दे दी गई और वह अपनी उंगली को सक्रिय रूप से हिला पा रही थी।
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जटिल सर्जरी और उद्देश्य
अस्पताल के हैंड और माइक्रो-सर्जन डॉ. निखिल झुनझुनवाला ने बताया कि दिल्ली में छोटे जोड़ के प्रत्यारोपण के लिए इस खास इम्प्लांट का यह पहला इस्तेमाल था। उन्होंने कहा कि इस मामले में चुनौती सिर्फ जोड़ के खराब होने की नहीं थी, बल्कि हड्डी का काफी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त था। डॉ. झुनझुनवाला के अनुसार, उंगली के छोटे जोड़ की सर्जरी तकनीकी रूप से जटिल होती है, क्योंकि इसके आसपास टेंडन, नसें और रक्त वाहिकाएं बहुत करीब होती हैं।
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