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सरकारी स्कूल हुआ खस्ताहाल, बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर

Wed, 27 Jul 2016 12:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 27 Jul 2016 12:10 PM IST
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students studying in under tree
पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे - फोटो : अमर उजाला

सोहना का राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खस्ता हाल में है। यहां विद्यार्थी कमरों के अभाव में खुले आसमान के नीचे भीषण गर्मी व बारिश में पढ़ने को मजबूर हैं। जिससे छात्रों के बीमार पड़ने का डर बना रहता है। विद्यालय प्रशासन ने बच्चों को बैठाने के लिए आज तक कोई ठोस प्रबंध नहीं किया है।

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अभिभावकों का आरोप है कि अधिकारीगण आपसी गुटबाजी में उलझे हुए हैं। वहीं ऐसा होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। जिससे अभिभावकों व विद्यार्थियों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ रोष है।
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अभिभावकों ने शीघ्र ही कमरों का प्रबंध करने की मांग की है। सरकारी स्कूल में करीब दो हजार विद्यार्थी हैं, जो आर्ट्स, कॉमर्स और विज्ञान की शिक्षा ले रहे हैं। स्कूल में सोहना के अलावा आसपास के गांवों के छात्र भी आते हैं।

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छठीं से बारहवीं तक होती है पढ़ाई

students studying in under tree
demo pic - फोटो : Getty

उक्त विद्यालय में कक्षा छठीं से बारहवीं तक बच्चे पढ़ रहे हैं। जिनके कुल 44 सेक्शन बनाए गए हैं। गत दिनों प्रशासन ने विद्यालय के 17 कमरों को तोड़ने का फरमान जारी कर दिया। उक्त कमरे काफी जर्जर हालत में थे।

जिससे स्कूल में बच्चों के बैठने की समस्या बन गई हैं। स्कूली विद्यार्थी सुबह आते हैं और बगैर पढ़ाई किए ही छुटटी होने पर लौट जाते हैं।

अभिभावक बृजभूषण गोयल, महेश आर्य, सुरेंद्र योगी, डॉ. सतीश तंवर का कहना है कि विद्यालय प्रशासन को बच्चों को बैठाने के लिए कमरों को शीघ्र व्यवस्था करनी चाहिए। स्कूल प्रिंसिपल रेखा मलिक का कहना है कि स्कूल को दो शिफ्टों सुबह व शाम लगाया जाएगा, जिससे समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।

कमेटी ने दिये आदेश
करीब 50 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने के आदेश प्रशासनिक कमेटी ने दिये हैं। जिसमें अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीओ, जेई शामिल हैं। कमेटी ने बिल्डिंग को सुरक्षा की दृष्टि से उपयोग करने पर पाबंदी लगा दी है।

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