यूनिवर्सिटी में चिपकाया सैनिटरी पैड, अब हुआ बवाल
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों द्वारा चलाया गया रेप के बारे में जागरूकता अभियान मुसीबत में आ गया है। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिन्होंने सैनिटरी पैड्स पर रेप के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मैसेज लिखकर यूनिवर्सिटी में जगह-जगह चिपकाया था। प्रशासन ने इन छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यह कैंपेन जब शुरू हुआ था तो यह काफी चर्चाओं में आया था। इसके बाद छात्रों और फैकल्टी ने इसका विरोध भी जताया। उनका कहना है कि इस कैंपेन का बुरा असर हुआ है।
सैनिटरी पैड्स पर संदेश लिखकर कैंपस में चिपकाए थे
इस नोटिस के भेजे जाने के बारे में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि कैंपेन चला रहे छात्रों ने प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली थी। बता दें कि जामिया के एक छात्र समूह ने जर्मनी की एक समाजसेविका से प्रेरित होते हुए एक कैंपेन चलाया था।
इसके तहत छात्रों ने सैनिटरी पैड्स पर रेप जागरूकता और फेमिनिस्ट मैसेजेस लिखकर पूरे कैंपस में चिपका दिए थे। कैंपस में चिपके इन सैनिटरी पैड्स में कुछ संदेश इस प्रकार थे जैसे- 'पीरियड ब्लड अशुद्ध नहीं होता, बल्कि आपकी सोच है', 'पिरियड्स नार्मल हैं, पर रेप नहीं।'
इस पूरे प्रकण पर जामिया के प्रवक्ता मुकेश राणा ने कहा कि जामिया के नियमों के अनुसार छात्रों को तौर तरीकों के अनुसार चलना चाहिए जिससे दूसरों को तकलीफ ना हो। कई स्टूडेंट्स और फैकल्टी के सदस्यों ने भी इस तरह के विरोध को प्रतिकूल बताया है।