इस्राइल को लेकर जामिया में प्रदर्शन के दौरान बवाल, भारी पुलिस बल तैनात
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले नौ दिन से छात्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को जारी रहा। कैंपस में घेराव व विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के बीच मारपीट भी हुई। धक्का मुक्की और मारपीट में कुछ छात्रों को चोट भी पहुंची है। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रबंधन का तर्क है कि अनुशासनहीनता पर पांच छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिया गय था पर जवाब के बजाय छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। शिक्षक संघ समेत विभाग के शिक्षक छात्रों से बात कर रहे हैं लेकिन वे किसी की बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। कैंपस में छात्रों के विरोध व मारपीट के बाद पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है।
जामिया कैंपस में पिछले दिनों इस्राइल के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस आयोजित हुई थी। इसी का छात्र विरोध कर रहे थे। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बुला लिया। छात्रों का आरोप है कि उनके साथ इस दौरान धक्कामुक्की व मारपीट हुई थी। बाद में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इसी के बाद से छात्रों का विरोध धरना जारी है।
मारपीट को लेकर विवि प्रशासन का कहना है कि छात्रों के दो गुटों में हुई झड़प की वजह से यह मारपीट हुई हैं। जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने परिसर में खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन की तरफ से भेजे गए लोगों ने प्रदर्शन को खत्म करने के लिए छात्रों के साथ मारपीट की है।
मुद्दा सुलझाने के प्रयास विफल, बात सुनने को तैयार नहीं
विवि प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए बार-बार प्रयास किए गए। जिसके तहत कई बैठकें आयोजित की गई। छात्रों को अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिसके तहत उन्हें जवाब देना था, लेकिन उन्होंने नोटिस की प्रतियां जला दीं और उस अनुशासनात्मक समिति का भी बहिष्कार कर दिया, जहां उन्हें अपना पक्ष रखना था।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों समेत जामिया शिक्षक संघ और पूर्व छात्र संघ के पदाधिकारियों ने मुद्दा सुलझाने के लिए प्रदर्शनकारी छात्रों की साथ कई बैठकें की हैं, लेकिन मंगलवार को कुछ छात्र संगठनों ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया और परिसर को सील करते हुए बाहर निकलने के रास्तों को बंद कर दिया।