इंजीनियर बनें: 10वीं के बाद कर सकेंगे B.TECH, दिल्ली स्किल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय ने शुरू किया प्रोग्राम
दिल्ली स्किल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय ने दसवीं के बाद छ: वर्षीय बीटेक प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी की है। डीएसईयू के कुलपति प्रो. अशोक कुमार नगावत ने बताया कि हमारे यहां बारहवीं के बाद चार वर्षीय बीटेक प्रोग्राम चलता है। तकनीकी शिक्षा की बढ़ती मांग को देखते हुए दसवीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराने की पहल की है।
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अब दसवीं पास कर डिप्लोमा करने वाले छात्र भी इंजीनियरिंग (बीटेक) की पढ़ाई कर सकेंगे। दिल्ली स्किल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) शैक्षणिक सत्र 2026-27 से डिप्लोमा करने वाले छात्रों को अवसर देने जा रहा है। अभी यह व्यवस्था केवल डीएसईयू से डिप्लोमा करने वाले छात्रों पर ही लागू होगी। इस व्यवस्था के तहत छात्र डिप्लोमा पूरा करने के बाद जॉब कर भी बीटेक की पढ़ाई करने आ सकता है। नई व्यवस्था के तहत जुलाई से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
छह साल में पूरी होगी बीटेक
दिल्ली स्किल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय ने दसवीं के बाद छह वर्षीय बीटेक प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी की है। डीएसईयू के कुलपति प्रो. अशोक कुमार नगावत ने बताया कि हमारे यहां बारहवीं के बाद चार वर्षीय बीटेक प्रोग्राम चलता है। तकनीकी शिक्षा की बढ़ती मांग को देखते हुए दसवीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराने की पहल की है। जिन्होंने दसवीं के बाद तीन साल के डिप्लोमा में दाखिला लिया होगा वही छात्र इस प्रोग्राम में दाखिला ले सकेंगे। डिप्लोमा के रिजल्ट के आधार पर ही दाखिले के लिए मेरिट बनेगी।
मिलेगी ये सुविधा
खास बात यह है कि यदि डिप्लोमा करने के बाद छात्र जॉब करने लग जाता है और बाद में बीटेक करना चाहता है, तो वह वापस आकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेगा। इस तरह से वह लेटरल एंट्री के माध्यम से दोबारा विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकेंगे।
छोटी उम्र में इंजीनियर बनने का सपना होगा पूरा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति मल्टीपल एंट्री व एग्जिट का प्रावधान है, ऐसे में हम उसी को महत्व दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि शुरुआत में यह बीटेक प्रोग्राम छात्रों में लोकप्रिय न हो, लेकिन आने वाले वर्षों में इसके लोकप्रिय होने की उम्मीद है। यह प्रोग्राम उन छात्रों के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है जो कि छोटी उम्र में इंजीनियरिंग और कौशल प्राप्त करना चाहते हैं।