फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   students agitation in front of ugc

स्कॉलरशिप बंद का विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बरसाई लाठी

Fri, 23 Oct 2015 04:22 PM IST
Updated Fri, 23 Oct 2015 04:22 PM IST
विज्ञापन
students agitation in front of ugc

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) द्वारा नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप खत्म करने के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने यूजीसी कार्यालय के बाहर धरना दिया।

विज्ञापन


छात्रों को मौके से हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा जिसमें कुछ छात्र-छात्राएं घायल हो गए। छात्राओं का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी भी की।
विज्ञापन


यूजीसी के फैसले का विरोध करने और उसे वापस करने की मांग के साथ आज दिल्ली स्थित सभी विश्वविद्यालयों के छात्र यूजीसी ऑफिस पहुंचे। छात्रों ने सरकार को चेताया है कि अगर नॉट नेट रिसर्च स्कॉलरशिप शुरू नहीं की गई तो वह एफटीटीआई की तर्ज पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले बृहस्पतिवार को छात्र यूजीसी भवन में लगातार दूसरे दिन धरने पर बैठे रहे। धरने में बैठे छात्राओं का आरोप है कि यूजीसी और दिल्ली पुलिस उन्हें भवन के अंदर बने बाथरूम का प्रयोग करने नहीं दे रही है।

बंद कर दी गई छात्रवृत्ति

students agitation in front of ugc

बता दें कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ, डीएसएफ और आइसा की ओर से बुधवार दोपहर आईटीओ स्थित यूजीसी भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, जो कि बृहस्पतिवार को भी जारी रहा।

उग्र भीड़ ने यूजीसी गेट तोड़ दिया था और भवन के अंदर बैठकर लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं। जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद के मुताबिक, हमारी मांग पूरी न होने पर हम अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे।

बता दें कि एमफिल व पीएचडी छात्रों को नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप मिलती थी, इसके तहत एमफिल के छात्रों को प्रति महीना पांच हजार और पीएचडी छात्रों को आठ हजार रुपये मिलते थे।

डूटा ने भी किया यूजीसी के फैसले का विरोध

students agitation in front of ugc

यूजीसी के नॉन-नेट स्कॉलरशिप खत्म करने के फैसले के खिलाफ छात्रों के विरोध के बाद अब दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) भी इस फैसले के विरोध में आ गया है।

डूटा ने यूजीसी के इस फैसले की निंदा की है। डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण के मुताबिक हजारों शोध छात्र इसी स्कॉलरशिप से शोध करने में सक्षम होते हैं। यूजीसी के इस कदम से छात्र अनुसंधान करने में न्यूनतम समर्थन से भी वंचित हो जाएगा।

डूटा इस यूजीसी केइस कदम को केंद्रीय बजट में उच्च शिक्षा के बजट में कटौती के परिणाम के रुप में देख रही है। डूटा ने यूजीसी को इस कदम को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed