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पढ़ने में नहीं लगता मन: परीक्षा से बचने के लिए छोड़ा घर, दो हजार KM दूर जाकर करने लगा मजदूरी; जानें पूरी कहानी
Mon, 03 Mar 2025 10:10 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Mon, 03 Mar 2025 10:10 PM IST
सार
21 फरवरी को वह घर से निकला और उसने अपने पिता को संदेश भेजा कि वह घर से जा रहा है और कोई उसकी तलाश न करे। उसके बाद वह दिल्ली से बेंगलूरु चला गया और वहां एक निर्माण स्थल पर एक मजदूर के रूप में काम करने लगा।
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परीक्षा के डर से छोड़ा घर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के रोहिणी जिले में 17 वर्षीय एक लड़का परीक्षा देने से बचने के लिए अपना घर छोड़कर चला गया। वह दो हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर बेंगलूरु चला गया। वहां एक झुग्गी बस्ती में रहकर निर्माण स्थल पर एक मजदूर के रूप में काम करने लगा। खासी मशक्कत के बाद उसे तमिलनाडु के कृष्णागिरी क्षेत्र स्थित एक झुग्गी से बरामद किया गया।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि लड़के के परिजनों ने बुद्ध विहार थाने में 21 फरवरी को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लड़का कनॉट प्लेस स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल की 11वीं कक्षा में पढ़ता था और पढ़ने में उसकी बिल्कुल रुचि नहीं थी। जांच में पता चला कि वह अपनी वार्षिक परीक्षा नहीं देना चाहता था।
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कोई उसकी तलाश न करे
21 फरवरी को वह घर से निकला और उसने अपने पिता को संदेश भेजा कि वह घर से जा रहा है और कोई उसकी तलाश न करे। उसके बाद वह दिल्ली से बेंगलूरु चला गया और वहां एक निर्माण स्थल पर एक मजदूर के रूप में काम करने लगा। लड़के की तलाश के लिए कई टीम गठित की गईं। उन्होंने बताया कि इस मामले में अपहरण का पहलू जानने के लिए कई सूत्रों को सक्रिय किया गया।
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झुग्गी में रह रहा था
बाद में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया। खासी मशक्कत के बाद तमिलनाडु के कृष्णागिरी क्षेत्र (कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा के पास) से लड़के को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि नाबालिग ने बेंगलूरु में एक परिचित व्यक्ति से संपर्क किया था और ट्रेन से वहां पहुंचा था। वहां वह तमिलनाडु और कर्नाटक सीमा के पास एक निर्माण स्थल पर मजदूर के रूप में काम करने लगा था, जब टीम ने उसे खोजा तो वह निर्माण स्थल के पास एक झुग्गी में रह रहा था।