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शादी में नहीं ले गए तो छात्रा ने जान दे दी
अमर उजाला, साहिबाबाद
Updated Thu, 06 Feb 2014 01:11 AM IST
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मामा के बेटे की शादी में न लेकर जाने से नाराज 11वीं की छात्रा ने पंखे से लटककर जान दे दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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अर्थला में रहने वाले अनिल चौधरी पानी सप्लाई का काम करते हैं। मंगलवार रात को वे अपने परिवार के साथ एक शादी में गए थे। घर में बेटी शैलजा (16) और उनकी वृद्ध मां थी।
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सुबह जब लौटे तो घर उन्हें शैलजा के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से अंदर देखा तो उसका शव कपड़े से बंधा पंखे से झूल रहा था। एसएचओ साहिबाबाद ने बताया कि जांच में पता चला है कि अनिल चौधरी अपने साले के बेटे की शादी में जा रहे थे।
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शैलजा भी शादी में चलने की जिद कर रही थी। अनिल ने उसे ले जाने से इंकार कर दिया और घर में रहकर पढ़ने को कहा। इससे वह नाराज थी।
शैलजा गाजियाबाद के ठाकुरद्वारा स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी। एसएचओ ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला सुसाइड का लग रहा है।
सुसाइड के कुछ पुराने मामले
11 मार्च 2013 को न्यायखंड-3 में 10वीं कक्षा की छात्रा खुशबू मिश्रा ने परीक्षा के तनाव के चलते फांसी लगाकर सुसाइड किया। 06 जनवरी 2013 को वसुंधरा सेक्टर-3 में एमए स्टूडेंट दीक्षा सिंह ने परीक्षा में विफल होने पर जान दी। 24 जून 2012- अर्थला की संजय कॉलोनी में रहने वाले जीवन सिंह के बेटे मयंक ने इंजीनियरिंग में दाखिला न होने पर सुसाइड किया।