फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Story of charu khurana and Bollywood biasness.

इस लड़की ने खोली बॉलीवुड की शर्मनाक सच्चाई

Wed, 05 Nov 2014 05:22 PM IST
Updated Wed, 05 Nov 2014 05:22 PM IST
विज्ञापन
Story of charu khurana and Bollywood biasness.

क्या आप सोच सकते हैं कि जिस बॉलीवुड को हम इतना पेशेवर और मॉडर्न समझते हैं वहां खुलआम महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा है और आज तक किसी ने उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई?

विज्ञापन


बात उस दिन की है जब दिल्ली के लाजपत नगर में रहने वाली चारू खुराना अपनी मां के साथ कहीं जा रही थी। रास्ते में उनकी मां ने उन्हें अपना वैनिटी बॉक्स थामने के लिए बोला।
विज्ञापन


चारू ने यूं ही उस बॉक्स को खोला और अंदर की दुनिया ने उन्हें रोमांचित कर दिया। उस वैनिटी बॉक्स में दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के कॉस्मैटिक यानि प्रसाधन के सामान थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वैनिटी बॉक्स की ताकत ने चौंकाया

Story of charu khurana and Bollywood biasness.

उस वक्त चारू कॉलेज में पढ़ती थी। घर पहुंचने पर चारू ने खुद पर इन प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया। असल में मेकअप के बाद उनका चेहरा कुछ अलग ही दिख रहा था।


उस दिन चारू को समझ में आया कि इस वैनिटी बॉक्स में कितनी ताकत है। असल में चारू की मां मेकअप आर्टिस्ट थीं लेकिन बहुत पहले ही उन्होंने इस पेशे को छोड़ दिया था।

मेकअप की इस ताकत ने चारू को भी अपनी मां की ही तरह इस पेशे का दीवाना बना दिया। एमबीए करने के बाद उन्होंने दिल्ली में ही मेकअप करने की ट्रेनिंग ली। लेकिन चारू का सपना अपनी मां की तरह दुल्हनों को सजाने और इसी तरह के अवसरों पर काम करने तक सीमित नहीं था।

सबके सामने जलील किया गया

Story of charu khurana and Bollywood biasness.

चारू ने तय किया कि अपनी इस कला के साथ वह नया प्रयोग करेंगी और दुनिया का भ्रमण भी करेंगी। चारू जानती थी कि अगर उन्हें बॉलीवुड में काम मिल गया तो वह अपने सारे सपने पूरा कर सकती हैं।

चारू ने लॉस एंजलिस के मेकअप स्कूल से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया और 2009 में मुंबई पहुंच गईं। उन्होंने महीनों कोशिश की लेकिन उन्हें सिने कॉस्ट्यूम मेकअप आर्टिस्ट एंड हेयर ड्रेसरर्स एसोसिएशन (CCMAA) की सदस्यता नहीं मिली।

बात यहीं नहीं खतम हुई। 2009 में जब एक बॉलीवुड फिल्म वेडनेसडे के तमिल वर्जन में काम करने वाले कलाकारों के लिए मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं तभी यूनियन ने वहां रेड डाली और चारू को बेहद जलील किया और उनपर 25000 का जुर्माना भी लगा दिया।

यूनियन का कहना था कि इस काम को लड़कियां नहीं कर सकतीं। इसे केवल पुरूष ही कर सकते हैं। चारू ने मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर काम करके यूनियन की इस परंपरा का उल्लंघन किया है।

पांच साल बाद मिला न्याय

Story of charu khurana and Bollywood biasness.

इस बार चारू ने तय किया कि यूनियन के इस रवैये के खिलाफ अदालत जाएंगी। आखिर पांच साल बाद सोमवार को उनकी यह लड़ाई पूरी हुई और सुप्रीम कोर्ट ने सीसीएमएए को महिलाओं के मेकअप आर्टिस्ट बनने पर लगी इस रोक को भारतीय संविधान के खिलाफ बताते हुए इसमें बदलाव का आदेश दिया।

इस लंबी लड़ाई ने चारू के जीवन के कई साल यूं ही बर्बाद कर दिए। अब उनका 18 साल का एक बेटा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद चारू को इस बात का डर है कि आखिर कोर्ट के आदेश के बाद भी इस बात की क्या गारंटी है कि उन्हें न्याय मिलेगा ही।

साभार: इंडियन एक्सप्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed