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एसटीएफ ने यमुना एक्सप्रेस वे से लूटे गए 1305 मोबाइल बरामद किए, कीमत थी 1.31 करोड़
Mon, 07 Jan 2019 05:24 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 07 Jan 2019 05:24 AM IST
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पकड़े गए मोबाइल गिरोह के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने यमुना एक्सप्रेसवे से लूटे गए 1.31 करोड़ रुपये के 1305 मोबाइल बरामद करके चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो एक्सयूवी कारें भी बरामद की गई हैं। इन्हीं कारों में रखकर आरोपी मोबाइलों को एनसीआर में बेचने की फिराक में थे।
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एसपी एसटीएफ दिनेश सिंह व सीओ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि कासना कोतवाली क्षेत्र स्थित अल्फा-2 मेट्रो पुल के नीचे से अलीगढ़ के लोहगढ़ निवासी अभिषेक गिरी, खेड़िया निवासी अजीत कुमार, केडरा निवासी यशवीर कुमार व दूधमा निवासी सुभाष को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी लूटे गए मोबाइल को एनसीआर क्षेत्र में बिक्री के लिए जा रहे थे। 15 जुलाई को ग्रेटर नोएडा ईकोटेक-1 की वीवो कंपनी के 6 हजार मोबाइलों से भरा ट्रक यमुना एक्सप्रेसवे पर लूट लिया गया था।
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एसटीएफ ने 8 सितंबर व 12 अक्तूबर को 14 आरोपियों को लूटे गए मोबाइलों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर एसटीएफ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व शेष मोबाइल बरामदगी के प्रयास में जुटी थी। रविवार को मुखबिर की सूचना पर दो एक्सयूवी गाडियों व उसमें सवार लोगों की चेकिंग की गई तो कारों में वीवो कंपनी के लूटे गए शेष 1305 मोबाइल बरामद हो गए।
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जमानत पर बाहर आकर फिर जुट गया मोबाइल बेचने में
सीओ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि लूट के बाद अभिषेक ने अपने ही गांव के चेतन कुमार व अजीत कुमार को साथ लेकर मोबाइल बेचने का प्रयास किया था, लेकिन लूटे गए ट्रक के साथ चेतन और अभिषेक गिरी पकड़े गए थे। डेढ़ माह बाद जमानत पर जेल से बाहर आकर अभिषेक साथी सोनू के साथ लूट के शेष मोबाइलों को बेचने के प्रयास में जुटा था।
अभिषेक ने सोनू के जरिये मोबाइलों को अलीगढ़ में एक किराये के मकान में रखवा दिया था। इसके बाद से अभिषेक अलीगढ़ निवासी वीरपाल व उसके साले सुभाष व एक अन्य रिश्तेदार यशवीर के साथ मिलकर मोबाइल बेचने के प्रयास में जुटा रहा। अभिषेक गिरी पूर्व में हरियाणा के खिड़की थाने से भी जेल जा चुका है।