व्यावसायिक संपत्ति के लिए कम देना होगा स्टांप शुल्क
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जिले में अब से व्यावसायिक संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वालों को फायदा होगा। व्यावसायिक संपत्ति खरीदने वालों को संपत्ति की रजिस्ट्री का खर्च कम हो गया है। मंगलवार से नई दरें लागू कर दी गई हैं।
नई दरों के हिसाब से संपत्ति की कीमतों में कमी आएगी। बिल्डर प्रोजेक्टों में लोगों को सुपर एरिया के बजाए कॉमन एरिया का मूल्य चुकाना होगा। इसमें गोदाम, आईटी कार्यालय, अन्य कार्यालय और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत में लगभग 25 फीसदी तक की कमी आने का अनुमान है। खासकर नोएडा क्षेत्र में इसका फायदा अधिक देखने को मिलेगा।
कुछ समय से लगातार बढ़ रहे सर्किल रेट से व्यावसायिक संपत्ति की बाजार दर और सर्किल रेट में काफी अंतर होने से खरीद फरोख्त पर असर पड़ने लगा था। इसे संतुलित करने के लिए निबंधन विभाग द्वारा संपत्ति की कीमत के आकलन में बदलाव किया।
पहले व्यावसायिक संपत्ति का आकलन किराये पर आधारित था। अब इसे बदलकर जमीन की कीमत और निर्माण लागत पर आधारित कर दिया गया है, जिससे संपत्ति की कीमत कम हुई हैं।
दूसरी तरफ, बहुमंजिला इमारतों में संपत्ति का मूल्यांकन सुपर एरिया के हिसाब से किया जा रहा था। इसमें भी बदलाव करते हुए कारपेट एरिया आधारित कर दिया है।
इससे खरीदार को केवल उसी संपत्ति पर स्टांप शुल्क देना होगा, जिसकी वह खरीद फरोख्त करेगा जबकि सुपर एरिया में कॉमन क्षेत्र का बोझ भी खरीदार को वहन करना पड़ता है।
बताया जा रहा है कि नई दरें लागू होने से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की व्यवसायिक संपत्ति पर अधिक असर नहीं पड़ेगा पर नोएडा क्षेत्र में व्यवसायिक संपत्ति की खरीद करने वालों को इससे बड़ा फायदा मिलेगा। आइटी, गोदाम, कार्यालय आदि व्यवसायिक संपत्ति की कीमत करीब 25 फीसदी तक कम हो गई हैं। संपत्ति की खरीद करने वालों को स्टांप शुल्क के लिए कम धनराशि खर्च करनी होगी।