नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर पति-पत्नी कराते थे वेश्यावृति
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साइबर सिटी में नाबालिग की खरीद-फरोख्त कर उससे जबरन वेश्यावृत्ति कराने का मामला सामने आया है। शनिवार शाम एक घर से निकलकर भागी पीड़ित लड़की के बयान पर भोंडसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस आरोपी पति को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर छानबीन कर रही है। अदालत ने आरोपी महिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेज दिया।
मूलरूप से कोलकाता के रहने वाले जितेंद्र गोयल और उसकी पत्नी किरन के मोहननगर स्थित घर से शनिवार शाम एक 17 वर्षीय लड़की भागते हुए बाहर निकली।
होटलों में ले जाकर कराते थे वेश्यावृति
लड़की को रोता देख आसपास के लोगों ने जब उससे कारण पूछा तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। नाबालिग ने बताया कि करीब 10 दिन पहले एक यवक उसे शादी का झांसा देकर कोलकाता से ले आया था।
एक सप्ताह पहले वह उसे यहां छोड़कर चला गया। उसके जाने के बाद गोयल दंपति ने बताया कि युवक उसे 20 हजार रुपये में बेच गया है। आरोप है कि इसके बाद दंपति ने लड़की को कमरे में बंधक बना लिया और रात में आरोपी उसे जबरदस्ती वेश्यावृत्ति के लिए कई होटलों में भेजने लगे।
पीड़ित लड़की ने बताया कि जिस्मफरोशी का धंधा कराने के बाद अगले दिन तड़के दंपति उसे फिर कमरे में बंधक बना देते। शनिवार को आरोपी दंपति लड़की की निगरानी की जिम्मेदारी एक युवक को देकर घर से चले गए।
पश्चिम बंगाल से कई लड़कियों को खरीदा
जब उक्त युवक को नींद आ गई तो इसका फायदा उठाकर पीड़िता वहां से भाग निकली। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद आरोपी दंपति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर देर शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मजिस्ट्रेट को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि आरोपी दंपति उस युवक के माध्यम से अब तक पश्चिम बंगाल की कई लड़कियों को खरीद चुका है। हालांकि पीड़िता यह नहीं बता पाई कि उसे किन होटलों में ले जाया गया।
आरोपी दंपति के पिछले कई सालों से चल रहे इस खेल के खुलासे के बाद पुलिस ने रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने दोनों को पेश किया, जहां से पुलिस ने आरोपी जितेंद्र को सात दिन की रिमांड पर ले लिया।
हर महिने घर पर आती थी नई लड़कियां
एसीपी क्राइम-एक राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, जिसमें उसके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
उन होटलों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, जहां नाबालिग को ले जाया गया था। साथ ही उस युवक की भी तलाश की जा रही है जो पीड़िता को दंपति के पास छोड़ गया था।
आरोपी दंपति पर पहले से था शक- जितेंद्र गोयल और उसकी पत्नी की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उनके पड़ोसियों को पहले से उन पर शक था। पड़ोसी रामचंद्र ने बताया कि करीब छह-सात साल से दोनों यहां रहते थे।
पता चला था कि जितेंद्र एक निजी कंपनी में काम करता है, लेकिन उनके घर पर हर महीने नई-नई लड़कियों और लड़कों की आवाजाही होने पर उन्हें शक हुआ। शनिवार शाम जब नाबालिग रोते हुए दंपति के घर से बाहर निकली तो शक यकीन में बदल गया।