Delhi: आरएमएल में रीढ़ और कूल्हे की सर्जरी होगी आसान, अस्पताल को मिलीं तीन आधुनिक मशीनें
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में रीढ़ व कूल्हे की सर्जरी होगी आसानी से होगी। हड्डी रोग विभाग में होने वाली यह सर्जरी काफी जटिल मानी जाती है। इन सर्जरी को सटीकता व बेहतर गुणवत्ता के साथ करने के लिए अस्पताल को सीएसआर फंड के तहत नई थ्रीडी सी-आर्म मशीन और दो ड्रिल मशीनें प्राप्त हुई हैं।
सोमवार को अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा, ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन ) मनीष पाटिल, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला की उपस्थिति में इनका उद्घाटन हुआ। यह मशीनें डॉ. बी आर अंबेडकर विकास एवं सेवा संस्थान से दान की है। यह ओएनजीसी सीएसआर से वित्त पोषित हैं। डॉक्टरों की माने तो अभी तक ऐसी आधुनिक मशीनें अस्पताल के पास नहीं थी। इन मशीनों की मदद से हड्डी रोग विभाग में होने वाली 5-6 से सर्जरी की संख्या बढ़कर 15-16 हो जाएगी। ऐसा होने पर मरीजों का इंतजार घट जाएगा। साथ ही अस्पताल का वित्तीय बोझ भी कम होगा। अस्पताल अभी तक ऐसी मशीनें किराए पर लेता था।
वहीं, इस बारे में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि हड्डी रोग विभाग में थ्रीडी सी-आर्म मशीन आने से सभी प्रकार की सर्जरी की सटीकता और गुणवत्ता बेहतर हो जाएगी। इसकी मदद से थ्री डाइमेंशन तस्वीर प्राप्त होंगी और डॉक्टर अलग-अलग कोण से सर्जरी की स्थिति को देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि रीढ़, कूल्हे, जोड़ों की सर्जरी करना काफी जटिल माना जाता है। इन मशीन की मदद से अब अस्पताल में यह सर्जरी भी आसान हो जाएगी। अस्पताल में अभी तक 2डी सी-आर्म मशीन का प्रयोग होता था।
ओपीडी में आते हैं 700 मरीज
हड्डी रोग विभाग में रोजाना 700 मरीज ओपीडी में इलाज करवाने आते हैं। इनमें से करीब 100 मरीज गंभीर होते हैं। इन गंभीर मरीजों में काफी लोगों को सर्जरी की जरूरत होती है। मौजूदा समय में अस्पताल में आधुनिक मशीन नहीं थी जिस कारण मरीजों को लंबी तारीख मिल रही थी। आधुनिक मशीन आने के बाद सर्जरी की गुणवत्ता सुधरने के साथ रफ्तार भी बढ़ेगी। इससे मरीजों का इंतजार कम होगा।
सर्जरी की नहीं रहेगी जरूरत
3 डाइमेंशनल इमेज की मदद से इंप्लांट को लगाने में मदद मिलेगी। डॉक्टरों का कहना है कि इस इमेज की मदद से इंप्लांट को लगाते समय देखा जा सकेगा। ऐसा होने पर इंप्लांट गलत लगने की आशंका पूरी तरह से खत्म हो जाता है।