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स्पाइसजेट और काल एयरवेज विवाद हाईकोर्ट की खंडपीठ के पास पहुंचा

Sat, 06 Aug 2016 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 06 Aug 2016 09:28 AM IST
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spicejet and kal airways dispute reaches delhi highcourt bench
- फोटो : file photo

निजी एयरलाइंस स्पाइसजेट और सन ग्रुप के प्रमुख कलानिधि मारन तथा उनकी काल एयरवेज विवाद मामला हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ के पास पहुंच गया है। स्पाइसजेट व उसके प्रमोटर अजय सिंह ने सिंगल जज के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें 12 माह में उसे अदालत में 579 करोड़ रुपये जमा कराने व मामले की निपटारा मध्यस्थ न्यायाधिकरण में करने का निर्देश दिया था। इस याचिका पर आठ अगस्त को सुनवाई होगी।

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न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने अपने 29 जुलाई के फैसले में स्पाइसजेट को निर्देश दिया था कि वह पांच किस्तों में दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के नाम 579 करोड़ रुपये फिक्स डिपोजिट जमा कराए। इसकी पहली किस्त अगस्त में जमा करानी होगी।
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अदालत ने कहा है कि स्पाइसजेट के शेयर किसी तीसरे पक्ष को जारी करने या हस्तांतरित करने पर रोक का अंतरिम आदेश अभी बरकरार रहेगा। अदालत का यह फैसला मारन और उनकी विमानन कंपनी की याचिका पर आया था और उन्होंने मांग की थी कि स्पाइसजेट की खरीद-बिक्री के 2015 के समझौते (एसपीए) के अनुसार उन्हें इस एयरलाइन के शेयर वारंट जारी किए जाएं।
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मारन और उनकी कंपनी की याचिका में आरोप लगाया कि था स्पाइसजेट को करीब 579 करोड़ रुपये भुगतान करने के बावजूद विमानन कंपनी ने उन्हें शेयर वारंट या परिवर्तनीय भुनाने योग्य तरजीह शेयर की पहली और दूसरी किस्त जारी नहीं की। 

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