{"_id":"cfb951959c01f66dad15a2116e137a7b","slug":"spending-millions-still-suffering-health-services","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों खर्च फिर भी बेहाल स्वास्थ्य सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों खर्च फिर भी बेहाल स्वास्थ्य सेवाएं
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 07 Apr 2014 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी अस्पताल में कदम रखते ही आपकी रूह कांप उठेगी। सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि पता नहीं सही इलाज होगा भी या नहीं। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करोड़ों खर्च कर रही है। मरीजों को कई सुविधाएं फ्री में मिलने लगी हैं। लेकिन फिर भी सरकारी अस्पताल में मरीजों को सही इलाज नहीं मिलता है।
विज्ञापन
पर्ची के लिए लंबी लाइन, ओपीडी में चिकित्सक का इंतजार, दवाओं का उपलब्ध न होना, किसी भी बीमारी का आधा इलाज होना, जरा सी इमरजेंसी में दूसरे अस्पताल के रेफर करना यही जनपद के मरीजों की नियति है।
विज्ञापन
इनके अलावा सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट, स्किन स्पेशलिस्ट, ईएनटी स्पेशलिस्ट, हार्ट स्पेशलिस्ट, सहित अन्य कई बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं।
विज्ञापन
गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं
दिल, गुर्दे, कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज इन अस्पतालों में नहीं होता है। ट्रॉमा सेंटर सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। गंभीर एक्सीडेंट वाले मरीज तो सरकारी अस्पताल का रुख न ही करें तो बेहतर है। बर्न वार्ड की इमारत खड़ी है मगर स्टाफ नहीं है।