70 साल की मां से यौन हिंसा करने वाले बेटे पर कोर्ट ने की ऐसी टिप्पणी
मां से घिनौना काम करने वाले बेटे को चार साल कैद
मां से घिनौना काम करने वाले बेटे को चार साल कैद
- शराब के नशे में मां पर की थी यौन हिंसा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली, 12 जून
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सत्तर साल की मां से शराब के नशे में यौन हिंसा जैसा घिनौना कार्य करने वाले बेटे को अदालत ने चार साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी के कृत्य को घिनौता करार देते हुये कहा ऐसा कृत्य पूरी दुनिया में निंदनीय है। मामला दक्षिण पूर्वी जिले का है।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने राजू (48) को सजा सुनाते हुये कहा कि भारत जैसे रूढिवादी समाज में ऐसे अपराध का कलंक हमेशा पीड़िता के साथ रहता है।
अदालत ने दोषी की उस दलील को खारिज कर दिया कि उसे संपत्ति विवाद के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। अदालत ने कहा कि कोई मां अपने बेटे पर ऐसा घिनौना आरोप नहीं लगायेगी।
'पीड़िता कोई और नहीं बल्कि दोषी की मां है'
कोर्ट के समक्ष आरोपी के वकील ने एफआईआर में देरी का तर्क दिया था। अदालत ने दलील खारिज करते हुये अपने फैसले में कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिये कि इस मामले में पीड़िता कोई और नहीं बल्कि दोषी की मां है।
उसने पुलिस में रिपोर्ट करने से पहले हजार बार सोचा होगा। हमारा समाज एक रूढ़िवादी समाज है और एक मां अपने ही बेटे पर यौन हिंसा का आरोप लगाकर अपनी इज्जत दाव पर नहीं लगायेगी।
अदालत ने राजू को छेड़छाड़, गंभीर चोट पहुंचाने व महिला का शील भंग करने संबंधी धाराओं में दोषी ठहराते हुये चार साल कैद की सजा सुनाई है। लोक अभियोजन अधिकारी मोहम्मद इकरार के मुताबिक राजू ने 23 सितंबर 2012 को शराब के नशे में अपनी मां के साथ दुर्व्यवहार किया।
उसने अपनी मां को कमरे में खींच कर दरवाजा बंद कर लिया। उससे यौन हिंसा की और उसे गंभीर चोट पहुंचाई। इस चोट के कारण पीड़िता का गर्भाश्य डॉक्टरों को निकालना पड़ा। मामले की सुनवाई के दौरान दोषी ने कहा कि संपत्ति विवाद के चलते उसकी मां व भाई ने झूठे मामले में फंसाया है।