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खुलासाः सॉल्वर गिरोह दिल्ली में चलाता है ऑनलाइन परीक्षा केंद्र
Mon, 30 Nov 2020 06:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 30 Nov 2020 06:04 AM IST
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सरकारी भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गिरोह के आरोपी दिल्ली के मुंडका में परीक्षा केंद्र चलाते हैं। पुलिस जांच में यह पता चला है कि गिरफ्तार सॉल्वर दिनेश चौधरी का साला जींद हरियाणा निवासी मनोज कई सालों से मुंडका में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का संचालन करता है। नोएडा पुलिस ने मामले में मनोज और उसके सहयोगी प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया। मनोज का साथी प्रवीण मुंडका के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का सीनियर सुपरिंटेंडेंट है।
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कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने शनिवार को सेक्टर-62 स्थित आई ऑन डिजिटल परीक्षा केंद्र से सॉल्वर गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह लोग प्रतियोगी परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थी की जगह पर सॉल्वर को बैठाते थे और लाखों रुपये लेते थे। एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि जब इन आरोपियों से पूछताछ की गई तो दिल्ली एनसीआर में बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
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आरोपी केवल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में ही नहीं बैठते थे, बल्कि दिल्ली में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र भी चलाते थे। पुलिस अब यह पता कर रही है कि इन आरोपियों ने केंद्र की परमिशन किस आधार पर ली और यहां पर इन लोगों ने किस तरह की धांधली की। मनोज की इस पूरे मामले में अहम भूमिका है।
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मनोज न केवल केंद्र चलाता है, बल्कि यह नौकरी पाने के लिए अभ्यर्थियों को भी लाता है और सॉल्वर को भी बुलाता है। गिरफ्तार सॉल्वर अमन के पास से हिरासत में लिए गए आरोपी प्रवी ण का पर्स और कुछ दस्तावेज मिले थे। इसकी जब जांच की गई तो पता चला कि प्रवीण साथी मनोज के साथ मुंडका में केंद्र चलाता है। इसके बाद मामले का दायरा बढ़ता जा रहा है और नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की टीम कई लोगों से पूछताछ कर रही है। गिरोह में दर्जनों और भी लोग शामिल हो सकते हैं और इन लोगों ने 500 से अधिक लोगों को फर्जी तरीके से नौकरी दिलाई है। गिरोह का कनेक्शन दिल्ली से लेकर यूपी-हरियाणा व अन्य राज्यों से जुड़ा हो सकता है।
चैट रिकवरी कर पुलिस बढ़ाएगी जांच
एसीपी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दिनेश और रवि के बीच व्हाट्सएप पर लगातार चैटिंग हुई है। इनमें यह लग रहा है कि इन लोगों के बीच अभ्यर्थियों और सॉल्वर के बारे में लेनदेन को लेकर काफी बातचीत हुई है। हालांकि, दोनों ही चैटिंग के बीच कुछ चैट डिलीट भी किए गए हैं जिससे दोनों के बीच की चैटिंग की कड़ियां नहीं जुड़ पा रही हैं। अब कमिश्नरेट पुलिस इन लोगों के मोबाइल की फॉरेंसिक लैब से जांच कराएगी और चैट को रिकवर कर जांच को आगे बढ़ाएगी।
चार टीमें कर रही हैं काम
मामले में पुलिस की चार टीमें काम कर रही हैं। एक टीम मेरठ और दूसरी दिल्ली में जाकर जांच कर रही है। दो टीमें हरियाणा गई हैं। दरअसल, पूरे गिरोह में हरियाणा कनेक्शन गहरा है और वहां के कई लोग इसमें शामिल हैं। इस कारण पुलिस का फोकस हरियाणा पर अधिक है। दिल्ली में भी पुलिस की टीम लगातार काम कर रही है।
अगली परीक्षा को लेकर भी शुरू कर दी थी उगाही
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि आगे आने वाली एक परीक्षा के लिए भी आरोपियों ने अभ्यर्थियों से उगाही शुरू कर दी थी और उनके पास कई अभ्यर्थी आ भी गए थे। सॉल्वर का भी इंतजाम लगभग हो गया था। आरोपी एडवांस पैसे ले चुके थे। इस परीक्षा में मुंडका वाले केंद्र पर सॉल्वर को बैठाने की बात चल रही थी। इसके साक्ष्य आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से मिले हैं।
आरोपियों की होगी संपत्ति की जांच
गिरफ्तार आरोपियों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। जिन लोगों ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में कई प्रॉपर्टी व गाड़ियां भी खरीदी हैं, इसके बारे में कई अहम सुराग नोएडा कमिश्नरेट पुलिस को मिले हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच कराएगी और इन्हें जब्त करने की कार्रवाई करेगी। आरोपियों के पास से बरामद ब्रेजा कार गिरफ्तार आरोपी रवि के नाम पर है। बताया जाता है कि इन लोगों के पास कई लग्जरी कारें भी हैं।