भड़काऊ पोस्ट शांति भंग के दायरे में, सोशल मीडिया पर धारा 144
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आगामी विधान परिषद चुनाव, बोर्ड परीक्षा और त्योहारों के मद्देनजर दो माह के लिए धारा-144 लागू कर दी है। निषेधाज्ञा में सोशल मीडिया को भी शामिल किया है।
कोई व्यक्ति भड़काऊ पोस्ट करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) चंद्रशेखर ने दो माह के लिए निषेधाज्ञा लागू करने के लिए 8 फरवरी को आदेश जारी किया।
अराजक तत्व कानून और शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश परिषद चुनाव 9 मार्च को संपन्न होने हैं। बोर्ड परीक्षा, विश्वविद्यालय परीक्षाओं और सात मार्च को महाशिवरात्रि, 24 मार्च को होली और 25 मार्च को गुड फ्राइडे है।
इस बार सोशल मीडिया भी धारा-144 के दायरे में
जनपद में हो रहे किसान आंदोलनों के चलते शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका बनी है। इसके मद्देनजर जनपद में धारा 144 लागू की गई है। इस बार सोशल मीडिया को भी धारा-144 के दायरे में लिया है।
कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह दूरभाष, मोबाइल व्हाट्सऐप, फेसबुक या ट्विटर आदि से अफवाह नहीं फैलाएगा और न ही ऐसे किसी पोस्ट को बढ़ावा देगा।
अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिये भड़काऊ पोस्ट करता है या बढ़ावा देता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आदेश को जनपद के सभी थानों के नोटिस बोर्ड, सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट तथा न्यायालयों के नोटिस बोर्ड पर लगा दिए है। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।