फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   So let's move sculptures when illegal temple , up notJallianwala Bagh

वहां जलियावाला बाग नहीं बनाना, नियमों से हटाएं अवैध निर्माण

Thu, 10 Sep 2015 10:45 AM IST
Updated Thu, 10 Sep 2015 10:45 AM IST
विज्ञापन
So let's move sculptures when illegal temple , up notJallianwala Bagh

लक्ष्मी नगर में मंदिर में तोड़फोड़ के दौरान हुए हंगामे व एक वकील के घर पर हुए पथराव को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने डीडीए को क्षेत्र में हुए सभी प्रकार के अवैध निर्माण को तोड़ने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


अदालत ने कहा कि यदि अवैध निर्माण की चपेट में मंदिर आता है तो सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाकर कर मूर्तियों को कहीं अन्य स्थान स्थानांतरित कर दिया जाए।

इसके अलावा तोड़फोड के दौरान पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वहां जलियांबाला बाग नहीं बनाना बल्कि तय नियमों से अवैध निर्माण हटाया जाए।

अदालत ने लगाई फटकार

So let's move sculptures when illegal temple , up notJallianwala Bagh

न्यायमूर्ति मनमोहन ने लक्ष्मी नगर में मंगलवार को हुए हंगामे व पथराव की घटना पर पुलिस व डीडीए के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने डीडीए के उस तर्क को खारिज कर दिया कि बुलडोजर के समक्ष एमपी, पार्षद इत्यादि खड़े हो गए तो ऐसे में हम क्या कर सकते थे।


अदालत ने कहा कि अवैध निर्माण हटाने का फैसला 2007 का है और अब 2015 चल रहा है। आपने अब तक क्या किया। आप जानते है कि कितने अवैध निर्माण हैं।

अदालत ने डीडीए के वकील से कहा कि यदि ऐसा ही होता रहा तो कल को आपके चैंबर पर भी अवैध कब्जा हो जाएगा और आप कुछ नहीं कर पाओगे। अदालत ने कहा कि स्थिति से निपटने में असफल रहने पर पुलिस को भी फटकार लगाई।

अदालत ने पुलिस के उस तर्क को खारिज कर दिया कि घटना पर पुलिसबल मौजूद था। अदालत ने पेश फोटो को देखने के बाद कहा कि इसमें कहीं भी पुलिस को नजर ही नहीं आ रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

बाबा रामदेव केस का उदाहरण देकर लताड़ा

So let's move sculptures when illegal temple , up notJallianwala Bagh

डीडीए के अधिवक्ता ने भी पर्याप्त पुलिसबल न मिलने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस चाहती तो वहां कुछ नहीं हो सकता था। बाबा रामदेव के धरनास्थल राम लीला मैदान में एक लाख लोगों की मौजूदगी में पुलिस ने मैदान खाली करवा लिया, लेकिन यहां 10 हजार लोग से नहीं निपटा जा सका।


क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ याचिका दायर करने वाले वकील जेके मित्तल के घर पर हमले को अदालत ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस को फटकार लगाई।

अदालत ने कहा कि आप को पता था कि वकील को सुरक्षा का आदेश है ऐसे में आप ने पहले से ही क्यों नहीं पुख्ता प्रबंध किए। पुलिस ने बताया कि हमने वकील के घर के पास पिकेट लगा दी है। अदालत ने डीडीए को कार्रवाई पूरी कर 30 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed