Delhi University: स्मृति जुबिन ईरानी ने किया एलान, डीयू में महिला छात्रावासों को मिलेगा निर्भया फंड
केंद्रीय कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली विश्वविद्यालय में महिला छात्रावासों के विकास और रखरखाव के लिए निर्भया फंड देने का एलान किया है।
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केंद्रीय कैबिनेट मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में महिला छात्रावासों के लिए निर्भया कोष से अनुदान देने का एलान कर दिया है। ईरानी ने यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में विकास भारत राजदूत-नारी शक्ति कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया।
विश्वविद्यालय की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि कई छात्राओं की मांग पर महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री ने घोषणा की कि महिला छात्रावासों के विकास और रखरखाव के लिए निर्भया फंड से पैसा दिया जाएगा।
डीयू के कॉलेज परिसर व छात्रावास में मिलेगी वाईफाई की सुविधा
दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेज परिसरों व मुखर्जी नगर में बनने वाले महिला छात्रावास में जल्द ही वाई-फाई नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। डीयू ने इसके लिए 67.71 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह वाई-फाई की सुविधा दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी व दक्षिणी परिसर के लगभग 90 कॉलेजों और ढाका स्थित छात्रावास में दी जाएगी। इस आशय का प्रस्ताव शुक्रवार को होने वाली कार्यकारी परिषद की बैठक में लाया जा रहा है।
विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को शुरू करने के लिए बीते साल अक्टूबर में उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी (हेफा) से लिए गए 938.33 करोड़ रुपये के ऋण कोष से इस काम के लिए धन लिया जाएगा।
ऋण कोष से 261.33 करोड़ रुपये वाई-फाई नेटवर्क तैयार करने और प्रौद्योगिकी संकाय के लिए एक भवन के निर्माण का काम शुरू करने के लिए दिए जाएंगे। इन्हीं प्रस्तावों को पास कराने के लिए कार्यकारी परिषद के एजेंडे में रखा गया है। इसके अलावा डीयू क्लिनिकल साइकोलॉजी और साइकियाट्रिक सोशल वर्क में अपने दो एमफिल पाठ्यक्रमों की वैधता को 2025-26 के शैक्षणिक सत्र तक बढ़ाने के लिए भी एक प्रस्ताव रखेगा।
बैठक के एजेंडे के अनुसार, विश्वविद्यालय ने पिछले साल छात्रों और मरीजों के हित में एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान में एमफिल की बहाली के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी को लिखा था।
विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद और कार्यकारी परिषद ने 2021 में एक प्रस्ताव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शैक्षणिक वर्ष 2022-24 से एमफिल कार्यक्रमों को बंद करने का निर्णय लिया था।