फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Small industries of residential colonies will get license in delhi

आवासीय कालोनियों के छोटे उद्योगों को मिल सकेगा लाइसेंस

Sun, 08 Dec 2019 06:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Dec 2019 06:58 AM IST
विज्ञापन
Small industries of residential colonies will get license in delhi
delhi mcd - फोटो : अमर उजाला

उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र की आवासीय कालोनियों में चले रहे 121 तरह के छोटे उद्योगों को लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर बैठक में शनिवार को भारी हंगामे के बाद मंजूरी मिल गई। इससे पहले विपक्षी पार्षदों ने धारा 7-ए के दायरे में आने वाली अनाधिकृत कालोनियों से इस धारा को हटाने का प्रस्ताव लाने की मांग की। 

विज्ञापन


इस बैठक के बाद नेता सदन तिलकराज कटारिया ने कहा आवासीय कालोनियों में घरों में चल रहे छोटे 121 उद्योगों के लिए अब निगम से लाइसेंस बनवाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा इन छोटी व्यवसायिक इकाइयों में अधिकतम 9 कर्मचारी, अधिकतम 11 किलोवाट बिजली मीटर और संपत्ति की रजिस्ट्री होनी अनिवार्य होगी। इसके साथ आवासीय संपत्ति में अधिकतम 50 फीसदी के हिस्से पर ही उद्योग चलाया जा सकेगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों के लिए लाइसेंस लेेने के बाद संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई पर रोक लगेगी। अगर लाइसेंस के लिए आवेदन होने के बाद भी अगर किसी संपत्ति के खिलाफ सीलिंग का नोटिस जारी होता है तो नोटिस भी खुद ही निरस्त हो जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि इस सुविधा का लाभ उन्हीं को मिलेगा जिनके उद्योग लाइसेंस की शर्तों को पूरा करेंगे और प्रदूषण रहित होंगे। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोग उत्तरी दिल्ली नगर निगम की वेबसाइट पर लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे।

वहीं विपक्ष के नेता मुकेश गोयल (कांग्रेस) ने कहा कि दिल्ली की 30-35 प्रतिशत अनाधिकृत कालोनियां धारा 7-ए के तहत आती हैं। केंद्र सरकार ने दिल्ली की जिन 1700 से अधिक अनाधिकृत कालोनियों को नियमित करने की घोषणा की है, उनमें 7-ए में आने वाली कालोनियों को शामिल नहीं किया गया है। 

उन्होंने कहा कि 7-ए के तहत वन्य भूमि क्षेत्र (रिज क्षेत्र), यमुना खादर क्षेत्र (ओजोन क्षेत्र), हाईटेंशन तारों के नीचे बसी कालोनियां और एएसआई संरक्षित धरोहरों के नजदीक 100 मीटर के दायरे वाली संपत्तियां आती हैं। इन कालोनियों के नियमितीकरण का प्रावधान नहीं है। इसकी वजह से इस सुविधा का लाभ इन क्षेत्रों में रहने वाले छोटे उद्योगों को नहीं मिलेगा।


इन उद्योगों के लिए बन सकेंगे लाइसेंस
इस सुविधा के तहत अगरबत्ती बनाने की फैक्टरी, आटा चक्की, गत्ते के डिब्बे बनाना, मोमबत्ती, केक, बेडमिंटन की शटल बनाना, बुक बाइंडिंग, बिस्कुट बेकरी, दरी कारपेट बनाना, डेयरी उत्पाद, ज्वैलरी उत्पाद, दस्तकारी, एम्ब्रोइडरी, स्टेशनरी, पेपर मशीन, परफ्यूम कॉस्मेटिक, पान मसाला, शैंपू पैकिंग, फोटो स्टेट, राखी बनाना, साइकिल असेंबलिंग, जूतों के फीते बनाना, स्क्रीन प्रिंटिंग, छाता बनाना, टेलर की दुकान और लकड़ी पर नक्काशी करने समेत 121 उत्पाद एवं व्यवसायों के लिए लाइसेंस बन सकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed