ग्रीन कॉरिडोर से छह को मिली नई जिंदगी, किडनी और हार्ट करवाया ट्रांसप्लांट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में शुक्रवार रात को तीन कॉरिडोर से अंगदान में छह लोगों को नई जिंदगी मिली है। सोनीपत की 57 वर्षीय महिला के ब्रेन डेड होने पर परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई।
इसके बाद मैक्स सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल शालीमार बाग ने तीन अलग-अलग हास्पिटल में अंगदान के लिए ग्रीन कॉरिडोर के लिए दिल्ली पुलिस से मदद मांगी।
इसके बाद आधे घंटे के अंदर अंगदान अन्य मरीजों के जीवन बचाने के लिए दूसरे अस्पतालों में पहुंच गए। मैक्स हास्पिटल शालीमार बाग के डॉ. बहीद जमान के मुताबिक, सोनीपत की महिला की ब्रेन डेड होने के बाद परिजनों की काउंसिलिंग की गई।
महिला के ब्रेन डेड होने पर परिजनों ने जताई थी अंगदान की इच्छा
उन्होंने अंगदान की सहमति दी थी। इसके बाद अंगदान से छह लोगों को नया जीवन मिला है।पहला कॉरिडोर मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग से पटपड़गंज हास्पिटल (32 किलोमीटर), दूसरा कॉरिडोर शालीबार बाग से मैक्स साकेत (40 किलोमीटर) और तीसरा कॉरिडोर शालीमार बाग से आईएलबीएस वसंत कुंज (38 किलोमीटर) हास्पिटल के बीच बनाया गया।
तीनों कॉरिडोर पर एंबुलेंस रात नौ बजे निकलीं और आधे घंटे के अंदर दूसरे हास्पिटल तक पहुंच गई। मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग में एक किडनी और दूसरी किडनी पटपड़गंज मैक्स हास्पिटल में ट्रांसप्लांट की गई।
वहीं हॉर्ट साकेत के मैक्स में ट्रांसप्लांट किया गया। इसके अलावा लीवर आईएलबीएस वसंत कुंज को दिया गया, जबकि कॉर्निया एम्स को दिया गया।