बहन से रेप के दोनों आरोपी भाई बरी
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दिल्ली की साकेत अदालत ने 17 वर्षीय चचेरी बहन से रेप के मामले में संदेह का लाभ देते हुए दक्षिण दिल्ली निवासी दो आरोपियों को बरी कर दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विकास डल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नाबालिग ने आरोप लगाया था कि दोनों भाइयों ने उससे 2010 व फिर 2012 में दुष्कर्म किया।
वहीं इसकी रिपोर्ट सितंबर 2013 में दर्ज कराई गई। इस देरी का कारण अभियोजन पक्ष स्पष्ट नहीं कर पाया।
इसलिए लगाया था आरोप
अदालत ने कहा कि इतनी देरी के बाद दर्ज कराए गए मामले से पीड़ित के बयान विश्वसनीय नहीं लगते व पूरा मामला मनगढ़त लगता है। पीड़ित लड़की ने स्वयं माना है कि दोनों भाइयों के उनके पिता से व्यवसाय संबंधी विवाद चल रहा था।
ऐसे में दोनों पक्षों में व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता से इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़ित ने कहा कि पुलिस ने उससे सादे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।
इतना ही नहीं मजिस्ट्रेट के समक्ष भी उसने स्वेच्छा से बयान नहीं दिया था, बल्कि पुलिस अधिकारियों के कहने पर दिया था। ऐसे में आरोपी संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं।