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सिसोदिया के पिटारे से आमजन का बजट, जानिए किसको मिला क्या?

Fri, 26 Jun 2015 10:27 AM IST
Updated Fri, 26 Jun 2015 10:27 AM IST
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Sisodia's present public budget, who did get what?

वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के बजट का देश का पहला स्वराज बजट बताया हे। स्वराज बजट की अवधारणा केतौर पर सरकार ने आरडब्ल्यूए, व्यापार संगठनों, कारपोरेट घराने की मदद से 11 विस का बजट बनाने में सबके लिए 20-20 करोड़ रुपये का बजट रखा तो जनता की मर्जी से विकास कार्य के लिए स्वराज निधि की स्थापना करके बाकी विस के लिए 50-50 लाख रुपये का प्रवधान कर दिया। स्वराज निधि 253 करोड़ रुपये की बनाई गई है।

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मनीष सिसोदिया ने कहा है कि स्वराज निधि में जो भी काम होंगे, उसके ठेकेदार को राशि का भुगतान स्थानीय मोहल्ला सभा की संतुष्टि पर ही होगा। वहीं सरकार ने एमसीडी, डीडीए, पीडब्ल्यूडी समेत तमाम छोटी संस्थाओं से जुड़े मिक्स रखरखाव के छोटे काम केलिए दिल्ली नगर विकास एजेंसी (डूडा) के गठन का प्रस्ताव भी बजट में रखा है।

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डूडा में स्वराज फंड, विधायक एवं सांसद निधि के अंतर्गत आने वाली राशि खर्च होगी। यहां भी यह प्रावधान होगा कि ठेकेदार को राशि भुगतान काम में स्थानीय जनता की संतुष्टि के बाद ही होगा।
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जनता के हाथ में शक्ति देने केलिए राशन वितरण प्रणाली को बायोमैट्रिक सिस्टम से जोड़ने का फैसला किया है। अभी 42 राशन दुकान पर उपभोक्ता के बायोमैट्रिक से राशन मिलता है जिसे सभी 2400 दुकान तक किया जाएगा।

दुकानदार नहीं कर सकेगा घपलेबाजी

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दुकानदार घपलेबाजी नहीं कर सकेगा। सरकार व्यापारियों के हाथ में शक्ति देने और लाइसेंस राज से बचाने के लिए 31 जुलाई तक सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम केलिए कमेटी की रिपोर्ट आएगी।


नागरिकों की दिक्कत दूर करने केलिए भी स्वयं मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने और अन्य सेवाओं केलिए मोबाइल ऐप शुरू होगा। ई कनेक्शन मोड्यूल से लोग अपने बिना किसी परेशानी के कंप्यूटर और मोबाइल फोन से जल और सीवर कनेक्शन इलेक्ट्रॉनिक ढंग से प्राप्त कर सकेंगे। सरकारी कर्मी का हस्तक्षेप नहीं होने से भ्रष्टाचार से भी राहत मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बजट में व्यापारियों पर कर बढ़ाने की बजाय कर वसूली सरल करने और दायरा बढ़ाने से सरकार के खजाने में राजस्व अधिक आएगा। हम राजनीति करने नहीं बल्कि राजनीति बदलने आए हैं इसलिए बजट में नए परिवर्तन कर रहे हैं।

स्वराज निधि खर्च और दिल्ली नगर विकास एजेंसी में खर्च का अधिकार एक तरह से जनता के हाथ में दिया है। जनता के संतुष्ट होने पर ही ठेकेदार के पैसे का भुगतान होगा।

बजट में शिक्षा: दिल्ली को पूर्ण साक्षर राज्य बनाने का लक्ष्य

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सरकार देश की राजधानी दिल्ली को पूर्ण साक्षर राज्य बनाने के सपने को साकार करेगी। दिल्ली के बजट में सबसे अधिक खर्च भी शिक्षा के क्षेत्र में ही होगा। सरकार का दावा है कि पहली बार पिछली बजट की तुलना में 106 प्रतिशत शिक्षा बजट बढ़ाया गया है। स्किल डेवलपमेंट के लिए एक अलग से यूनिवर्सिटी बनाने की भी बात की गई है।

बजट में उच्च शिक्षा के लिए दस लाख रुपये लोन की गारंटी दिल्ली सरकार देगी। महिलाओं को ऋण में एक प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। इतना ही नहीं अब पोलिटेक्निक और आईटीआई के लिए भी ऋण की सुविधा दी जाएगी।

जहां बीस हजार नये शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया गया है वहीं 236 नये स्कूल भी बनेंगे। 83 इमारतों में 166 स्कूलों में इवनिंग क्लास चलेगी। इसके अलावा 70 स्कूलों में भी दूसरी पाली में स्कूल में पढ़ाई होगी।

स्कूलों के हर क्लास में सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे ताकि बेहतर शिक्षा की मॉनिटरिंग की जा सके। सरकार की योजना है कि इंटरमीडिएट (10+2) पास करने वाले हर छात्र के हाथ में दो सर्टिफिकेट हो। यानी पास सर्टिफिकेट के साथ स्किल डेवलपमेंट का भी सर्टिफिकेट। दिल्ली के 1011 सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधा सरकार उपलब्ध कराएगी। 50 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में पहले विकसित किया जाएगा, फिर इसी आधार पर सभी स्कूल विकसित होंगे।

भुगतान करो और खेलो नीति पर स्कूल के मैदान सभी के लिए खोले जाएंगे। सरकारी सहायता प्राप्त यानी निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सरकार शिक्षा अधिनियम 1973 में अलग से संशोधन ला रही है। दिल्ली में तीन आईआईटी और पांच पोलिटेक्निक कॉलेज खुलेंगे। सूरजमल विहार में जीजीएसआईपी यूनि. के दूसरे परिसर का निर्माण किया जाएगा।

महिलाओं के लिए बजट में है ये

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दिल्ली सरकार का मुख्य फोकस सशक्तिकरण व सुरक्षा पर दिल्ली सरकार का फोकस है। बजट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई उपायों का प्रस्ताव किया गया है। दिल्ली सरकार की सभी सार्वजनिक बसों को तो सीसीटीवी कैमरे से लैस किया ही जाएगा साथ ही मार्शल भी तैनात किया जाएगा।

सभी सार्वजनिक वाहनों को जीपीआरएस से लैस किया जाएगा। यानी टैक्सियों व ऑटो सहित सभी सार्वजनिक वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य हो जाएगा। चालू वित्त वर्ष में 160 करोड़ रुपया दिल्ली सरकार खर्च करेगी। दिल्ली सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया है। ताकि महिला यात्री अपने को सुरक्षित महसूस करे। ड्राइवरों को भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष ट्रेनिंग देने की योजना है।

कामकाजी महिलाओं के लिए आधा दर्जन हॉस्टल भी खुलेगा। स्लम और झुग्गी झोंपड़ी बस्तियों में क्रेच की सुविधा सरकार देगी। बाल विकास कार्यक्रम के तहत 300 क्रेच सरकार खोलेगी। 12 सौ बच्चों को कौशल विकास और आजीविका कमाने के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद के सहयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा।

बजट में 300 आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने का भी प्रस्ताव किया गया है। उच्च शिक्षा के तहत लिए गए ऋण में ब्याज भुगतान में भी महिलाओं को एक प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

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