दिल्ली: पेट से निकली 7.5 किलो की किडनी, दुनिया में तीसरा केस, बन सकता है गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
- सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन,
- 2006 से अस्पताल आ रहा था मरीज
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दावा पेश करेगा अस्पताल
- देश की पहली सबसे बड़ी और भारी किडनी
विस्तार
दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक मरीज के पेट से साढ़े सात किलो वजन का गुर्दा बाहर निकाला है। एक दुर्लभ रोग की वजह से गुर्दा काफी फैल गया था जिसे निकालने के अलावा डॉक्टरों के पास अन्य कोई विकल्प नहीं था। ये दुनिया में ऐसा तीसरा केस है जिसमें सबसे ज्यादा वजन के गुर्दे को बाहर निकाला है।
इसलिए जल्द ही अस्पताल के डॉक्टर इस केस को लेकर गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड में आवेदन देने की तैयारी कर रहे हैं। अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. सचिन कथूरिया ने बताया कि दिल्ली निवासी 56 वर्षीय एक मरीज वर्ष 2006 से उपचार कराने अस्पताल आ रहे हैं। वे ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी रोग से पीड़ित हैं।
यह एक आनुवांशिक बीमारी है जिसमें दोनों गुर्दे में तरल रुप में सिस्ट बनने लगते हैं और सूजन आ जाती है। करीबन दो घंटे की सर्जरी के बाद गुर्दे को बाहर निकाला जा सका। बीते कुछ दिनों से मरीज के पेट की बाएं तरफ काफी दर्द हो रहा था और साथ सांस लेने में कठिनाई होने लगी थी।
जब उनकी जांच की तो पाया कि उनके बाएं गुर्दे के भीतर ब्लीडिंग और इन्फेक्शन हो गया था। प्री-ऑपरेटिव स्कैन में एक बड़ा गुर्दा दिखाई दे रहा था, लेकिन डॉक्टरों को इसका वजन इतना ज्यादा होने की उम्मीद नहीं थी। इसका वजन दो नवजातों से भी अधिक हो गया था। आगामी दो से तीन दिनों में उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
डॉ. सचिन ने बताया कि जब तमाम मेडिकल रिकॉर्ड इंटरनेटर पर खंगाले गए तो पता चला कि अभी तक अमेरिका और नीदरलैंड में मरीज के शरीर से क्रमश: 9 व 8.7 किलो भार वजन वाले गुर्दे निकाले गए हैं। अब तक निकाली जाने वाली विश्व का तीसरा और देश का पहला सबसे भारी गुर्दा है। हालांकि पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से पीड़ित मरीज के गुर्दे निकालने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुबई के डॉक्टरों का नाम है जिन्होंने 2017 में इससे पीड़ित मरीज में से 4.25 किलो का गुर्दा निकाला था।