'सेक्स के सवाल पर खामोशी को न समझें सहमति'
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अगर कोई लड़की शारीरिक संबंध बनाने के लिए सहमति नहीं देती तो इसे उसका इंकार माना जाए। यह टिप्पणी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दस साल कैद की सजा सुनाते हुए की है।
दोषी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से कई बार दुष्कर्म किया था। तीस हजारी अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने पहाड़गंज निवासी राजीव मौर्य को दुष्कर्म धमकी देने का दोषी ठहराते हुए दस साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने पीड़िता को मुआवजा देने का निर्देश दिल्ली विधिक सेेवा प्राधिकरण को दिया है। अभियोजन के मुताबिक पीड़िता ने पहाड़गंज थाने में दुष्कर्म की शिकायत में कहा था कि वह और मौर्य पड़ोसी थे और नवंबर 2013 में दोनों की दोस्ती हो गई।
जबरन दो बार बनाए शारीरिक संबंध
मौर्य ने शादी की पेशकश की और कहा कि वह इसकी चर्चा अपने घरवालों से करेगा। इसके बाद दोनों दूसरे के संपर्क में रहे और घूमते फिरते रहे। इस बीच राजीव ने दोस्त की जन्मदिन की पार्टी के बहाने पड़िता को पहाड़गंज के होटल में ले गया और वहां जबरन दो बार शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता ने जब इसका विरोध किया तो मौर्य ने उसे शादी करने का झांसा दिया। पीड़िता ने जब भी शादी के बारे में पूछा तो हर बार उसे आश्वासन दिया।
कुछ समय बाद मौर्य ने शादी से इंकार करते हुए कहा कि वह खुदकुशी कर ले। मौर्य ने कहा कि वह इस मामले को खत्म कर दे, अन्यथा उसे सोसाइटी में उसे बदनाम कर देगा।