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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Shortage of organ transplants: Only 0.2 percent of the demand for hearts was met in 2021

Delhi NCR News: अंग प्रत्यारोपण की कमी, 2021 में दिल की जरूरत का सिर्फ 0.2 प्रतिशत ही पूरा हुआ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 06:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। देश में अंग प्रत्यारोपण की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। एक नए अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2021 में दिल की कुल जरूरत का केवल 0.2 प्रतिशत ही पूरा हो सका। फेफड़ों की 1.2 प्रतिशत, लिवर की 1.5 प्रतिशत और किडनी की 7.2 प्रतिशत जरूरत ही पूरी हो पाई।
यह अध्ययन द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज और फोर्टिस वसंत कुंज के विशेषज्ञ शामिल रहे। वर्ष 2040 तक भारत में सालाना 1.43 लाख किडनी, 2.10 लाख लिवर, 95 हजार दिल और 12 हजार से अधिक फेफड़ों के प्रत्यारोपण की जरूरत का अनुमान है। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के बावजूद 2040 तक किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत का केवल 32.6 फीसदी हिस्सा ही पूरा हो पाएगा। लिवर, दिल और फेफड़ों के लिए यह आंकड़ा सात फीसदी से भी कम रहने का अनुमान है।
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अंग प्रत्यारोपण सुविधा कुछ राज्यों तक सीमित
अध्ययन में सामने आया कि देश में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा कुछ ही राज्यों तक सीमित है। तमिलनाडु, दिल्ली-एनसीआर, केरल, महाराष्ट्र और तेलंगाना में वर्ष 2024 के कुल प्रत्यारोपण का बड़ा हिस्सा हुआ। केरल में किडनी प्रत्यारोपण की दर सबसे अधिक 31.1 प्रति दस लाख आबादी रही। शोधकर्ताओं ने अंगदान बढ़ाने, ट्रांसप्लांट सेंटर बढ़ाने और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने व्यापक स्वास्थ्य नीतियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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