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'नेहरू ने ठुकराई थी सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता'

Sat, 26 Sep 2015 10:51 AM IST
Updated Sat, 26 Sep 2015 10:51 AM IST
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shocking statement by swmay on nehru, in time of jnu students protest

जेएनयू छात्रसंघ के द्वारा भारी विरोध के बीच बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। स्वामी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नेहरू ने 1950 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता लेने से इंकार कर दिया था।

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स्वामी ने अपने ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री की बहन विजयलक्ष्मी पंडित के खतों की फाइल का जिक्र करते हुए कहा है कि अगर आप नेहरू म्यूजियम में जाएं तो विजयलक्ष्मी पंडित की फाइल नंबर 59 और 60 में नेहरू के संयुक्त राष्ट्र को लिखे खतों को पढ़ें।

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ट्वीट में स्वामी ने ये भी कहा है कि 1950 के दौरान अमेरिका ने चीन की जगह भारत को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता देने के लिए कहा था, जिसमें वीटो पावर भी शामिल थी। लेकिन नेहरू ने अमेरिका के इस ऑफर को ठुकरा दिया था और लोकसभा के भीतर झूठा बयान दिया।
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इस वजह से मचा है स्वामी को लेकर बवाल

shocking statement by swmay on nehru, in time of jnu students protest

वहीं दूसरी ओर सुब्रह्मण्यम स्वामी पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि वो एक समय बेहतर नेता थे, लेकिन फिलहाल वो एक पॉलिटिकल जोकर बन कर रह गए हैं।

आपको बता दें कि बीजेपी नेता स्वामी का ये ट्वीट उस वक्त सामने आया है जब उनको जेएनयू का कुलपति बनाए जाने को लेकर बहस छिड़ी हुई है। चर्चा गर्म है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी को जेएनयू का कुलपति बनाया जा सकता है।

स्वामी इससे पहले भी जेएनयू का नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस के नाम पर भी रखने की बात कर चुके हैं। इन सबके बीच जेएनयू छात्रसंघ का भारी विरोध स्वामी के खिलाफ दिखाई दे रहा है। अभी दो दिन पहले ही जेएनयू छात्रसंघ और आइसा ने यूजीसी के सामने विरोध प्रदर्शन में अपने तेवर साफ किए थे।

एफटीआईआई जैसा विरोध मोदी सरकार को झेलना पड़ेगा

shocking statement by swmay on nehru, in time of jnu students protest

अब एफटीआईआई में गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के खिलाफ चले आंदोलन की तर्ज पर सुब्रह्मण्यम स्वामी की नियुक्ति के विरोध का भी निर्णय लिया गया है।


आपको बता दें कि जेएनयू छात्र संघ की उपाध्यक्ष शेहला की तरफ से पिछले बुधवार देर रात जारी बयान में कहा गया था कि आज एक मीडिया रिपोर्ट में लिखा है कि स्वामी को एमएचआरडी जेएनयू का अगला वीसी बनाना चाहती है।

लेकिन जेएनयू छात्र संघ ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं होने देगा। यदि ऐसा हुआ तो एफटीआईआई जैसा विरोध मोदी सरकार को झेलना पड़ेगा।

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