शिप्रा मलिक का बयान दर्ज, रहस्यमय ढंग से हुई थी लापता
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फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक के बयान बुधवार को सूरजपुर स्थित कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कर लिए गए। वहीं, फिलहाल पुलिस शिप्रा की कहानी पर ही भरोसा करते हुए मामले की जांच कर रही है।
हालांकि शिप्रा के परिजन इस मामले में आगे कोई जांच या कार्रवाई नहीं चाहते हैं, इसलिए पुलिस भी अपनी ओर से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सेक्टर-37 निवासी फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक 29 फरवरी की दोपहर में रहस्यमय परिस्थिति में घर से लापता हो गई थी।
शिप्रा की कार सेक्टर-29 में लावारिस खड़ी मिली थी। इसके बाद शिप्रा की तलाश में एसटीएफ, पुलिस और क्राइम ब्रांच की दस टीमों को लगाया गया। इसके बाद भी शिप्रा का पता नहीं लग पाया था।
वह अपनी मर्जी से पारिवारिक कलह के चलते घर छोड़ कर गई थी
तीन मार्च की रात एक बजे शिप्रा ने अपने पति चेतन मलिक को फोन कर सकुशल होने और गुड़गांव में होने की जानकारी दी। इसके बाद एसएसपी किरण एस शिप्रा को लेने गुड़गांव गए थे। शिप्रा ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि वह अपनी मर्जी से पारिवारिक कलह के चलते घर छोड़ कर गई थी।
महिला ने पुलिस को नोएडा से घर छोड़ने के बाद खाटू श्याम के आश्रम और जयपुर में होने की जानकारी दी थी। लेकिन पुलिस की जांच में यह कहानी फर्जी साबित हुई। उसके बाद पुलिस ने कहा कि शिप्रा के कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान होने हैं।
यह बयान बुधवार को मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कर लिए गए। एएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर का कहना है कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान शिप्रा ने दर्ज करा लिए हैं। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।