तीन लाख के लिए शीला ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और केरल की पूर्व राज्यपाल शीला दीक्षित ने तीन लाख रुपयों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, 2012 में एक केस की सुनवाई के दौरान शीला दीक्षित कोर्ट नहीं पहुंच सकीं थीं।
दिल्ली के ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पेश न होने के बदले पूर्व मुख्यमंत्री पर तीन लाख का जुर्माना लगाया था। शीला दीक्षित ने इसी जुर्माने से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है।
शीला दीक्षित ने 2012 में दिल्ली के भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ मानहानि का केस किया था। शीला के दावा था कि 2012 के एमसीडी चुनाव के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने उनके खिलाफ अभद्र भाषा के प्रयोग किया।
इसी केस की सुनवाई के दौरान जब शीला दीक्षित कोर्ट नहीं पहुंची तो 30 अगस्त को कोर्ट ने उन पर तीन लाख का जुर्माना लगा दिया।
विजेंद्र गुप्ता को एक लाख देने होगें
कोर्ट के अनुसार जुर्माने की रकम में से शीला दीक्षित को दो लाख रूपए दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस आथॅरिटी के पास जमा कराने होगें। जबकि एक लाख रूपए विजेंद्र गुप्ता को देने होंगे।
शीला दीक्षित की दलील है कि ट्रायल कोर्ट का उन पर इतना बड़ा जुर्माना लगाना गलत है। उनका कहना है कि जब केस की सुनवाई चल रही थी, तब शीला दीक्षित केरल की राज्यपाल थीं और दिल्ली में न होने की वजह से कोर्ट नहीं आ सकीं।
शीला दीक्षित की यह भी दलील है कि उनकी गैर मौजूदगी में उनके वकील प्रतिनिधि के रूप में कोर्ट में पेश हुए थे। शीला दीक्षित की इस अपील पर सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।