शीला दीक्षित: मुझे तरस आता है माकन पर
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दिल्ली से कांग्रेस साफ हो गई है। जनता ने उसे पूरी तरह से नकार दिया है। हालिया चुनाव में दस फीसदी वोट भी नहीं मिले। हार के दो दिन बाद ही प्रदेश के शीर्ष नेताओं के बीच बर्तन बजने शुरू हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रचार समिति के अध्यक्ष अजय मकान पर यह कहते हुए ठीकरा फोड़ा की आक्रामक प्रचार नहीं हुआ।
प्रचार में पार्टी की तरफ से कराए गए कार्यों का जिक्र होना चाहिए था। रणनीति में खामियां रहीं। शीला ने कहा कि कांग्रेस इतनी बुरी तरह हारेगी इसका अंदाजा पहले से हो गया था। अब अरविंद केजरीवाल को पूर्ण बहुमत मिला है, तो उनका कर्तव्य है कि जो वादे किए हैं, उसे पूरा करें।
पार्टी में बर्तन बजने को राजनीतिक हलकों में दिल्ली में कांग्रेस के भविष्य के नेता की जंग से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी के कुछ नेता विस चुनाव में जिला, ब्लॉक और प्रदेश स्तर पर कार्यकारिणी का गठन नहीं किए जाना हार का बड़ा कारण मान रहे हैं।
मामले पर इन बयानों से मचा है घमासान
मैं इससे कतई सहमत नहीं हूं कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली में खत्म हो गई है। मैं अजय माकन को लेकर क्या कहूं, मुझे उन पर तरस आता है। - शीला दीक्षित, पूर्व मुख्यमंत्री, दिल्ली
मेरी चार पीढ़ी कांग्रेस की महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की विचाराधारा में खप गई। आगे भी भ्रष्ट शक्तियों से लड़ता रहूंगा। - अजय मकान, कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष
शीला दीक्षित वरिष्ठ नेता हैं। चुनाव से पहले खामियां बतातीं तो हम सुधार लेते। भगवान उन्हें लंबी आयु दे, उनकी उम्र भी हो गई है। - अरविंदर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
यह समय किसी पर दोषारोपण का नहीं है। यह सोचने का है कि पार्टी जिस स्थिति में पहुंच गई है, उसे कैसे जीवंत किया जाए। मैं नहीं समझता की शीला दीक्षित प्रचार करतीं तो विस चुनाव के परिणाम में कुछ अंतर आता। - पीसी चाको, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी