शहर का जायका: ऐसे पान जो ताजगी के साथ घोल दे मिठास
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मशहूर उद्यमी स्व. हरि भाई लालवानी पान और पान वालों को मान दिलाने के लिए जाने जाते हैं। इस कारोबार में उनका नाम अग्रणी रूप से लिया जाता है। उनकी मृत्यु के बाद इस विरासत को बेटी यामिनी ने संभाला है। वह बहनों के साथ पान पार्लर की शृंखला चलाती हैं। एक आउटलेट सेक्टर-28 स्थित अलखनंदा कॉप्लेक्स में यामू पंचायत के नाम से है।
यहां पान की कई वैरायटी आपको मिल जाएगी। स्पेशल चूरन, फ्लेवर हुक्का आदि के साथ 40 से 351 रुपये तक के फ्लेवर खा सकते हैं। खास बात यह है कि यहां के पान खाने से मुंह फ्रेश हो जाता है। मुंह से निकले वाली हवा खुशबूदार हो जाती है। यदि आप दुकान नहीं जाना चाहते तो पार्लर में होम डिलीवरी का भी विकल्प है।
351 रुपये का आदाब पान
यामिनी लालवानी ने बताया कि यामू पंचायत में सबसे ज्यादा सादा मीठा पान की मांग है। हालांकि, लोगों को अन्य विकल्प भी आकर्षित करते हैं। जैसे 50 रुपये में चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी, वेनिला, लिची, पाइन एपल, ऑरेंज, रोज, केवरा और मोगरा आदि।
वहीं, 40 रुपये में इलायची, संदल एवं सादे पान का आनंद ले सकते हैं। सबसे प्रसिद्ध 351 रुपए का आदाब पान जो कि सोने और चांदी के वर्क को मिलाकर बनाया जाता है। प्रेमी जोड़ो के लिए यहां इश्क ए खास नाम से 60 रुपये का पान मौजूद है।
पिता से प्रेरित हैं यामिनी
यामिनी ने बताया कि जब वो तीन साल की थी तब उनके पिता ने दिल्ली के सीपी से शुरुआत की थी। जैसे जैसे बड़ी हुई वह पिता के बिजनेस कौशल और समाजसेवी स्वाभाव से प्रेरित हुई। एलएलएम की पढ़ाई के बाद भी उन्होंने इस व्यवसाय में आगे बढ़ने का इरादा बनाया। पांच साल पहले नोएडा में यामू पंचायत का नया आउटलेट खोला।
महिलाओं को देते हैं ट्रेनिंग
यामिनी का कहना है कि कई विशेषताएं हैं जो हमें आम दुकानों से अलग बनाती हैं। यहां जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम दिया जाता है। इन्हें एक साल तक पान बनाने की ट्रेनिंग देते हैं।
हमारी कोशिश रहती है कि पान बनाने में ऐसे पदार्थों का ज्यादा इस्तेमाल करें जो मस्तिष्क को आराम का अनुभव दें। साथ ही रक्त संचार को बेहतर कर सके। यहां का सादा पान खाने पर आम पानों की तरह मुंह लाल नहीं होता है। वहीं, चबाकर थूकने से गंदगी बढ़ती है, लिहाजा हम ऐसे उत्पाद बनाते हैं जो मुंह में पूरी तरह घुल जाए।