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'रैन बसेरे में महिला-पुरुष के एक साथ रहने से होता है यौन शोषण'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Mar 2017 10:27 AM IST
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rain basera
- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने राजधानी में महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग रैन बसेरे बनाने की मांग पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर दिया है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिलहाल एक ही रैन बसेरे में पुरुषों के साथ महिलाओं व बच्चों को रहना पड़ता है, जिससे कई बार असामजिक तत्व उनका यौन उत्पीडन करते हैं।
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मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 4 मई तय करते हुए सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि बच्चों के लिएअलग से रैन बसेरों की व्यवस्था क्यों न की जाए।
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एक भी रैन बसेरा ऐसा नहीं है जो सिर्फ महिलाओं और बच्चों के लिए हो
file photo
- फोटो : अमर उजाला
खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता एस.सी.जैन के अधिवक्ता सुग्रीव दुबे ने तर्क रखा कि राजधानी में बेघरों के रात्रि विश्राम के लिए एक भी रैन बसेरा ऐसा नहीं है जो सिर्फ महिलाओं और बच्चों के लिए हो।
उन्होंने कहा कि ऐसे में महिलाओं और बच्चों को भी व्यस्क पुरुषों के साथ रैन बसेरे में रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार राजधानी में बने रैन बसेरों की निगरानी नहीं करती है, जिससे नशे का सेवन करने वाले इसमें प्रवेश करते हैं और महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं।
अधिवक्ता दुबे ने अदालत से आग्रह किया कि सरकार को राजधानी में महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग रैन बसेरे बनाने का निर्देश दिया जाए। इसके अलावा 12 साल से कम उम्र के बच्चे को ही महिलाओं के लिए बनने वाले अगल रैन बसेरों में रहने की अनुमति हो।
याचिका में कहा गया है कि इससे महिलाओं और बच्चों को यौन उत्पीडन नहीं होगा। इसके साथ सरकार को रैन बसेरे में रहने वाले लोगों के लिए चिकित्सा सुविधाएं और पौष्टिक आहार मुहैया कराने का आदेश देने की मांग भी की गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में महिलाओं और बच्चों को भी व्यस्क पुरुषों के साथ रैन बसेरे में रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार राजधानी में बने रैन बसेरों की निगरानी नहीं करती है, जिससे नशे का सेवन करने वाले इसमें प्रवेश करते हैं और महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं।
अधिवक्ता दुबे ने अदालत से आग्रह किया कि सरकार को राजधानी में महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग रैन बसेरे बनाने का निर्देश दिया जाए। इसके अलावा 12 साल से कम उम्र के बच्चे को ही महिलाओं के लिए बनने वाले अगल रैन बसेरों में रहने की अनुमति हो।
याचिका में कहा गया है कि इससे महिलाओं और बच्चों को यौन उत्पीडन नहीं होगा। इसके साथ सरकार को रैन बसेरे में रहने वाले लोगों के लिए चिकित्सा सुविधाएं और पौष्टिक आहार मुहैया कराने का आदेश देने की मांग भी की गई है।