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महिला की याचिका: वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ कृपाल मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त, गूगल बोला- बेसाइटों से आपत्तिजनक सामग्री हटाई

Wed, 13 Oct 2021 03:39 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 13 Oct 2021 03:39 PM IST
सार

अदालत ने इससे पहले केंद्र, गूगल, यूट्यूब और दिल्ली पुलिस साइबर सेल से आपत्तिजनक तस्वीरों और महिलाओं की वीडियो को दिखा रही लिंक और साइटों को हटाने के लिए कहा था।

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Senior lawyer saurabh kripal appointed as amicus curiae in woman petition where her  obscene photo posted on websites
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ कृपाल को एक महिला की याचिका के मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। महिला ने याचिका में छद्म नामों चलाई जा रही अश्लील वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की है। वहीं गूगल ने कहा महिला के खिलाफ यूट्यूब पर जो आपत्तिजनक सामग्री थी उन्हें हटा दिया गया है और वेबसाइटों पर कोई नई सामग्री अपलोड नहीं की गई है। 

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याचिका में प्रतिवादियों को उनकी साइटों पर प्रदर्शित होने वाली महिला की किसी भी नग्न, यौन रूप से स्पष्ट या विकृत तस्वीरों को ब्लॉक करने के लिए विशिष्ट निर्देश देने की भी मांग की गई है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने अपने आदेश में कहा अधिवक्ता सौरभ कृपाल वरिष्ठ अधिवक्ता को इस मामले में न्यायालय की न्याय मित्र के रूप में सहायता करेगे। अदालत ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को याचिका के सभी दस्तावेज सौंपने का निर्देश दिया है।
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अदालत ने इससे पहले केंद्र, गूगल, यूट्यूब और दिल्ली पुलिस साइबर सेल से आपत्तिजनक तस्वीरों और महिलाओं की वीडियो को दिखा रही लिंक और साइटों को हटाने के लिए कहा था। गूगल के वकील ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सभी आपत्तिजनक सामग्री, जो अधिसूचित की गई थी और महिला के खिलाफ यूट्यूब पर उपलब्ध थी, उन्हें हटा दिया गया है और वेबसाइटों पर कोई नई सामग्री अपलोड नहीं की गई है।
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केवल पांच लिंक थे सक्रिय
याचिकाकर्ता के वकील ने हालांकि कहा कि केवल पांच लिंक थे जो सक्रिय थे। जिसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील को पांचों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से तस्वीरें लेकर उन्हें अश्लील वेबसाइट पर अपलोड करना आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। भले ही तस्वीरें अपने आप में आपत्तिजनक या अश्लील न हों, लेकिन पार्टी की सहमति के बिना किया गया ऐसा कृत्य व्यक्ति की निजता का उल्लंघन होगा।

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